हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में नई पंचायतों की फाइनल अधिसूचना 15 मार्च को जारी होगी, जबकि वार्डों के डि-लिमिटेशन (परिसीमन) का कार्य 20 मार्च तक पूरा हो जाएगा।
20 मार्च से जिला उपायुक्त आरक्षण रोस्टर पर काम करेंगे, जबकि 25 मार्च के आसपास पंचायतीराज विभाग रोस्टर की फाइनल अधिसूचना जारी करेगा।
प्रदेश सरकार ने पंचायतीराज विभाग को यह आदेश जारी किए हैं। पंचायतीराज विभाग ने 64 पंचायतों के लिए जनता से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार समय की कमी के चलते अब नई पंचायतें नहीं बनेगी। 10 मार्च से पंचायतीराज विभाग ने आवेदन लेने बंद कर दिए हैं।
हिमाचल में बैजनाथ की चार पंचायतों का अस्तित्व खत्म हो गया है। इन्हें बीड़ नगर पंचायत में शामिल किया गया है। इनमें बीड़, चौगान, गनेहड़ और क्यारी पंचायत शामिल है।
पंचायतीराज विभाग के पास 800 नई पंचायतें बनाने के लिए आवेदन आए थे। इसमें से 136 पंचायतों का गठन किया गया।
64 पंचायतों के गठन के लिए लोगों से आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं। रविवार तक इसकी फाइनल अधिसूचना जारी की जानी है।
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को 31 मार्च तक रोस्टर जारी करने के निर्देश दिए हैं। समय की कमी के चलते नई पंचायतें बनाने पर सरकार ने मना कर दिया है।
वहीं राज्य निर्वाचन आयोग ने भी पंचायतीराज विभाग को पत्र जारी कर सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार औपचारिकताएं पूरी करने को कहा है।
पंचायतीराज विभाग का मानना है कि दो से तीन दिन का समय रोस्टर में भी लगेगा। इसके बाद चुनाव संबंधित दस्तावेज राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपे जाने हैं।
इसके बाद ही आयोग की तरफ से मतदाता सूचियों का प्रकाशन किया जाना है। मतदाता सूचियों में जिन लोगों के नाम नहीं होंगे व नए नाम जोड़ने के लिए भी आयोग की तरफ से समय दिया जाना है।

