सुखाश्रय योजना में पहला प्रोजेक्ट मंजूर; नक्षत्रा सिंह के नाम जुड़ी नई उपलब्धि, निराश्रित बेटी बनेगी आत्मनिर्भर
हिमखबर डेस्क
महिला एवं बाल विकास विभाग की वर्किंग वूमेन हॉस्टल बिलासपुर में रह रही नक्षत्रा सिंह अपनी रूचि को पंख देने की तैयारी में हैं। मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत नक्षत्रा की फैशन डिजाइनर बनने का सपना साकार होता नजर आ रहा है।
2018 में पिता व 2021 में माता को खो चुकी नक्षत्रा हिमाचल की पहली ऐसी निराश्रित बेटी है, जिसका प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के अंतर्गत स्टार्टअप के लिए अप्रूव हुआ है। इतना जरूर था कि माता-पिता की छत्र छाया में रहते हुए नक्षत्रा सिंह ने पंजाब यूनिवर्सिटी से फॉरेंसिक साइंस एंड क्रिमिनोलॉजी में एमएससी कर ली थी। लेकिन रुचि शुरू से ही फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में रही।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की महत्वाकांक्षी योजना के तहत नक्षत्रा सिंह को भी चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट में जोड़ा गया। बिलासपुर में अब तक 125 निराश्रित बच्चे चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट की सूची में है। निराश्रित होने के बाद भी नक्षत्रा सिंह ने हिम्मत नहीं हारी और अपने फैशन डिजाइनिंग के शौक को अपना पैशन बनाया।
उन्होंने स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोजेक्ट को विभाग के माध्यम से शिमला भेजा। विभाग द्वारा मात्र 24 घंटे के अंदर उनके प्रोजेक्ट को अप्रूव कर दिया गया और नक्षत्रा सिंह के अकाउंट में 2 लाख की राशि ट्रांसफर हो गई। मानों नक्षत्रा के सपनों को संजीवनी मिल गई।

नक्षत्रा किफायती दरों पर फैब्रिक लाने देश की राजधानी दिल्ली पहुंच गई। युवा वर्ग की रूचि के अनुसार नक्षत्रा ने आगामी गर्मियों के लिए डेली वियर व पार्टी वियर फैशनेबल कपड़े बनाना शुरू किया है। नक्षत्रा सिंह बिलासपुर में यूथ को बेहतर दामों में अच्छे से अच्छा फैशनेबल कपड़े मुहैया कराना चाह रही है। इस काम में उसके साथ दो सहयोगी भी काम कर रही हैं।
दिशा सही हो और काम की ललक हो तो कुछ भी संभव है। रोजगार की तलाश में युवा अपना समय और एनर्जी बर्बाद कर रहे हैं। जबकि चाहे तो खुद को सबल बना अपने साथ अन्यों को भी रोजगार दे सकते हैं। इस दिशा में नक्षत्रा ने कदम बढ़ा दिए हैं।
मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के अंतर्गत ही अनाश्रितों को घर बनाने के लिए 3 बिस्वा जमीन और 3 लाख रुपए की वित्तीय सहायता का भी प्रावधान है, जोकि नक्षत्रा सिंह को प्रदेश सरकार की ओर से जल्द दिया जाएगा।
क्या है मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना….
मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना का मुख्य उद्देश्य ही अनाथ विशेष रूप से विकलांग बच्चों, निराश्रित महिलाओं और बच्चों और बुजुर्ग व्यक्तियों को व्यापक सहायता प्रदान करना है। समाज के सबसे कमजोर वर्ग और ऐसे लोगों की सेवा की योजना है, जिनकी वास्तव में सरकार द्वारा देखभाल की आवश्यकता है।
क्या खास….
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अनाथ और विकलांग बच्चों, निराश्रित महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय सहायता के लिए एक नई योजना की घोषणा की है।
• मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना 2023, 0-14 आयु वर्ग के बच्चों के लिए 1000 रुपए व 14-18 आयु वर्ग के अनाथ बच्चों और एकल महिलाओं के लिए 2500 रुपये का मासिक आवर्ती खाता प्रदान करेगी।
• इस योजना में 18 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए 1 लाख रुपये की वार्षिक कोचिंग और छात्रावास शुल्क और कोचिंग के दौरान आवास के लिए 4,000 रुपये की मासिक छात्रवृत्ति भी शामिल है। बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिए मासिक पिकनिक का भी आयोजन किया जाएगा।
• मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत बिना घर वाले अनाथ बच्चों को घर बनाने के लिए 3 बिस्वा जमीन और 3 लाख रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी।
• पात्र अनाथ बच्चों की शादी के लिए सरकार 2 लाख रुपये देगी और जो लोग अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, उन्हें 2 लाख रुपए की एकमुश्त राशि मिलेगी।
• सरकार ने योजना के संचालन के लिए 101 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

