
पालमपुर – बर्फू
अफ्रीकी महाद्वीप के पूर्वी भाग में स्थित तंजानिया में फंसे बैजनाथ के ब्रह्मदास सोमवार सुबह घर पहुंच गए। करीब एक साल बाद वह बैजनाथ के सुनपुर अपने घर पहुंच गया। तंजानिया में फंसे होने की उनकी वीडियो आने के बाद उनका परिवार काफी परेशान था।
इस मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार हरकत में आई और अब ब्रह्मदास सकुशल वापस अपने देश लौट सका है। ब्रह्मदास पुणे की एक कंपनी के माध्यम से सितंबर 2021 में तंजानिया गया था। इस साल फरवरी में उसकी पत्नी काफी बीमार हो गई, तो उसने कंपनी को अपना इस्तीफा भेजा, लेकिन कंपनी ने उसे स्वीकार नहीं किया।
इसके बाद भी ब्रह्मदास वहां काम पर लगा रहा। आठ जून 2022 को कंपनी ने उसे अचानक नौकरी से बाहर कर दिया और उसका वेतन भी बंद कर दिया। उसके साथ लगे अन्य सात कर्मचारी वापस देश लौट आए। लेकिन ब्रह्मदास वहां फंसा रहा।
कुछ दिन पहले उसने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से अपनी परेशानी को एक वीडियो के जरिए शेयर किया था। उसने बताया कि उक्त कंपनी न तो उसका पासपोर्ट दे रही है और न ही वापसी की टिकट, ऐसे में वह काफी परेशान है।
उसने प्रदेश के मुख्यमंत्री व केंद्र सरकार से उसकी देश वापसी की गुहार लगाई थी। इसके बाद वतन वापसी के लिए प्रयास शुरू हुए थे। रविवार शाम को वह फ्लाइट से दिल्ली पहुंचा और सोमवार सुबह वह बैजनाथ पहुंच गया।
ब्रह्मदास की मदद हिंदू सभा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों ने की है। इनके हस्तक्षेप के बाद ब्रह्मदास की लंबे अरसे बाद घर वापसी हो सकी है।
