
धर्मशाला – राजीव जस्वाल
महंगाई की मार से होटलियर व रेस्तरां संचालक भी अछूते नहीं रहे हैं। पिछले दो साल में होटलियर व रेस्तरां संचालकों का कारोबार कोरोना ने चौपट कर दिया, तो अब महंगाई ने लागत बढ़ा दी है। जिससे अब परिवार का खर्चा निकालना भी मुश्किल हो गया है।
महंगाई की मार से लागत ही 30 से 40 फीसद तक बढ़ गई है। वहीं पर्यटन सीजन शुरू होने के बावजूद पर्यटकों की संख्या भी पहले के मुकाबले कम है जबकि पर्यटन भी अपनी क्षमता अनुसार ही पैसा खर्च कर रहा है, ताकि उसका भविष्य भी सुरक्षित रहे।यही आलम अब रेडीमेड के कारोबारियों का भी है।
रेडीमेड कारोबारियों के मुताबिक वैश्विक महामारी ने कारोबार को पूरी तरह से प्रभावित किया है और अब पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के बाद सभी वस्तुओं के मूल्यों में वृद्धि होने से आलम यह है कि कम ही ग्राहक दिख रहे हैं। कई बार तो दोपहर 12 बजे तक शहरों की गलियों में सन्नाटा पसरा रहता है। हालांकि शादियों के सीजन में जरूर कुछ काम था। लेकिन अब फिर से वही हालात हैं। अब कारोबार में 50 फीसद प्रभावित हुआ है।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन स्मार्ट सिटी धर्मशाला के महासचिव संजीव गांधी
वर्ष 2020 से पहले का समय होटल कारोबार के लिए अच्छा था, उस समय लगभग सभी यूनिट लाभ में थीं। लेकिन वर्ष 2020 में कोरोना के आने के बाद 2020 में कुछ समय होटल खुले, जिसमें न के बराबर कारोबार रहा। यही हाल वर्ष 2021 में भी रहा, क्योंकि इस दौरान होटल ज्यादातर समय के लिए बंद रहे। अब दो सालों में महंगाई बढ़ने के साथ-साथ अन्य खर्चे भी बढ़ गए हैं। पर्यटन जहां कम संख्या में पहुंच रहे हैं, वहीं उनके खर्च करने की क्षमता में भी कमी आई है।
व्यापार मंडल कोतवाली बाजार के अध्यक्ष नरेंद्र जंबाल ने यह कहा
पहले ही रेडीमेड समेत अन्य दूसरे कारोबार प्रभावित हुए थे। अब महंगाई बढ़ने से महज 50 फीसद ही कारोबार रह गया है।अब लोग ज्यादातर रोजमर्रा की वस्तुओं को ही खरीदने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जबकि कपड़े व अन्य सामान केवल विवाह व अन्य समारोह आने पर ही खरीद रहे हैं। कई बार दिन में दोपहर 12 बजे तक भी ग्राहक नहीं पहुंच रहा है।
