
लंज- निजी संवाददाता
पूर्व एवं हाल ही में हिमाचल प्रदेश पंचायत प्रधानों एवं उप प्रधानों के मानदेय पर नजर डाली जाए तो जमीन आसमान का अंतर आ गया है। नगरोटा सुरियां ब्लाक के अधिकतर उप प्रधानों का कहना है कि 2016 में प्रधान और उप प्रधान के मानदेय में केवल मात्र रुपए 300/ का अन्तर था जो बढ़ते बढ़ते अब इस बजट में अंतर दो हजार तक पहुंच गया है जबकि प्रधान और उप प्रधान का चुनाव बराबर प्रणाली से होता है।
कुछ प्रधान आरक्षित पदों के कारण जीत हासिल करने में सफल हो जाते हैं जबकि उप प्रधान अनारक्षित पदों पर चुनाव जीत कर आते हैं। लेकिन मानदेय मामले में सरकार द्वारा प्रधान के मुकाबले में उप प्रधान को काफी कम आंकना सरकार को आगामी चुनावों में मंहगा पड़ सकता है। इसके अलावा पंचायत सदस्यों को भी मानदेय मामले में बहुत निचे रखा गया है जबकि लोकतंत्र प्रणाली में पंचायत सदस्य का चुनाव जीतना अति मुश्किल है।
अतः माननीय पंचायती राज मंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध सहित मांग की जाती है कि उप प्रधानों एवं पंचायत सदस्यों के मानदेय को लेकर जो भेदभाव किया गया है। उस का सुधारीकरण बजट को अंतिम रूप देने से पूर्व करने केलिए कार्यवाही अमल में लाई जाए अन्यथा विवश हो कर आगामी चुनावों में राजनीति से ऊपर उठकर सरकार के विरोध में मतदान किया जाएगा।
