
काँगड़ा- राजीव जस्वाल
जिला कांगड़ा सहित प्रदेश के कई अन्य स्थानों पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। ये झटके ऊना और साथ लगते क्षेत्रों में भी महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र कांगड़ा के शाहपुर में जमीन के नौ किलोमीटर नीचे था। भूकंप के कारण किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। भूंकप सोमवार सुबह 10.28 बजे आया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.70 मापी गई।
हिमाचल प्रदेश भूकंप के लिए अति संवेदनशील है। शिमला व कांगड़ा सहित अन्य जिले भूकंप के जोन चार और पांच में आते हैं। मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कुछ कुछ अंतराल पर छोटे-छाेटे भूकंप के झटके आने से बड़े झटकों की संभावनाएं कम हो जाती हैं और इससे फायदा ही होता है। भूकंप के बड़े झटके नहीं आते हैं और नुकसान नहीं होता है। इस साल जनवरी माह में करीब चार बार भूकंप के झटके आ चुके हैं। इस दौरान भूकंप की तीव्रता 2.20 से 3.20 तक दर्ज की गई।
क्यों आता है भूकंप
पूरी धरती 12 टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है। ये प्लेटें 30 से 50 किलाेमीटर तक नीचे हैं। इसके नीचे तरल पदार्थ लावा है। ये प्लेटें इसी लावे पर तैर रही हैं। ये प्लेटें बेहद धीरे-धीरे घूमती रहती हैं। हर साल 4-5 मिमी अपने स्थान से खिसक जाती हैं। कोई प्लेट दूसरी प्लेट के निकट जाती है तो कोई दूर हो जाती है। ऐसे में कई बार ये आपस में टकरा भी जाती हैं और इनके टकराने से ऊर्जा निकलती है जिसे भूकंप कहते हैं। भूंकप का केंद्र वह स्थान होता है जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय उर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है।
