
शिमला- जसपाल ठाकुर
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने गुरुवार को प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा निकाले गए तुगलकी फरमान को लेकर मुख्य छात्रपाल का घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर छात्रों की मांग को अनदेखा करने का आरोप लगाया |
इकाई अध्यक्ष आकाश नेगी की अगुवाई में सभी कार्यकर्त्ता दोपहर बारह बजे चीफ वार्डन कार्यालय पहुंचे | कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय छात्रावासों से छात्रों को कोरोना का हवाला देकर जबरदस्ती निकाले जाने को लेकर चीफ वार्डन को घेरा | आकाश नेगी ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रदेश के प्रत्येक जिले से छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते हैं | लेकिन बीते कुछ दिन पहले प्रदेश में हुए भारी हिमपात के कारण अधिकतम क्षेत्रों में सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जिसके कारण बहुत से छात्र अपने घरों को वापिस नहीं जा सके |
उन छात्रों ने विश्वविद्यालय के छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने का संकल्प लिया था | लेकिन पिछले कल शाम को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एक तुगलकी फरमान जारी किया जाता है जिसमें कोरोना का हवाला देते हुए छात्रों को एक दिन के भीतर ही छात्रावासों को खाली करने का आदेश दिया जाता है | आकाश ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जनवरी महीने में हॉस्टल में रहने के लिए छात्रों से पहले ही 1500 रूपए मैस शुल्क ले लिया है |
हॉस्टल प्रबंधन द्वारा एक महीने का राशन भी एडवांस में खरीद लिया गया है लेकिन अब एक आदेश जारी कर के छात्रों को हॉस्टल छोड़ने के लिए कहा जा रहा है | इस से छात्र मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं | उन्होंने कहा कि हॉस्टल में छात्र अपने फाइनल एग्जाम,प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु रुका हुआ है | लेकिन हाल ही में प्रदेश में हुए भारी हिमपात के कारण उत्पन्न हुई परिस्थिति को भी विश्वविद्यालय प्रशासन अनदेखा कर रहा है |
साथ ही साथ उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शोधार्थी भी अपने शोध कार्यों को लेकर विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं | इनमें से बहुत से शोधार्थी ऐसे हैं जिनका अभी दो-तीन महीनों का शोध कार्य शेष है | लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन इन छात्रों को भी हॉस्टल में नहीं रहने दे रहा है | आकाश ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ पूरे देश से लाखों पर्यटक घूमने के लिए हिमाचल आ रहे हैं |
उनमें से अधिकतर पर्यटक कोविड की रोकथाम के लिए जारी दिशा निर्देशों को सही ढंग से अनुसरण नहीं कर रहे हैं | लेकिन इन पर ध्यान न देते हुए केवल उन छात्रों को प्रताड़ित किया जा रहा है जो केवल अपनी पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय के छात्रावासों में रुका हुआ है | आकाश ने कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाला प्रत्येक छात्र अपनी सामाजिक जिम्मेदारी से भली भांति परिचित है | छात्र न केवल दो गज की दूरी मास्क है जरुरी जैसे नारों को समझते हैं बल्कि उनका पूर्णतः अनुसरण भी करते हैं, तो ऐसे में इन सभी छात्रों को हॉस्टल में रुकने देना चाहिए |
साथ ही साथ उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस छात्र विरोधी फरमान को वापिस लिया जाए और छात्रों को हॉस्टल में ठहरने दिया जाए | अगर विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द अपने इस तुगलकी फरमान को वापिस नहीं लेता है तो आने वाले समय में प्रशासन को कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा जिसके लिए प्रशासन स्वंय जिम्मेदार होगा
जारीकर्ता: सचिन राणा अभाविप हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय इकाई प्रिंट मीडिया प्रमुख
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