भलाड/ज्वाली, शिवू ठाकुर
ज्वाली ग्रामीण इलाकों में किसानों के खेतों में जंगली जानवरों सूरो सांभर बंदरों का आतंक दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है किसानों को रात में भी खेतों में सोना पड़ रहा है।
गौरतलब यह है कि ग्रामीणों की रोजी रोटी कृषि पर निर्भर होती है। फसल अच्छी होती है तो किसान भी चैन की नींद लेते हैं लेकिन कुछ वर्षों से किसानों की नींद बंदरों तथा जंगली जानवरों ने उड़ा रखी है ।वहीं इस वार किसान मौसम की मार से परेशान है जो थोड़ी बहुत गेहूं की फसल वो रखी थी वह भी पीली पड़नी शुरू हो गई हैै।
तहसील ज्वाली की ग्राम पंचायत भलाड और ठेहडू की बात करें तो यहां के ग्रामीण आजकल बंदरों के आतंक का खौफ यादा है ग्रामीण की मानें तो खेतों में गेहूं की फसल के साथ साथ फल सब्जियों को भी बंदर तहस नहस कर रहे हैं।