ज्वाली, अनिल छांगू
फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस के पूर्व मंत्री तथा मौजूदा विधायक सुजान सिंह पठानिया के निधन के बाद फतेहपुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। क्योंकि अगले विधानसभा चुनावों तक अभी डेढ़ साल से ऊपर का समय है इसी बीच उपचुनाव भी होने हैं। हिमाचल में भाजपा इस समय सत्ता में काबिज है तो वहीं दूसरी ओर फतेहपुर भाजपा की टिकट से जीत की आस लगाए बैठे कई नेता कृपाल परमार वलदेव ठाकुर सहित कई नेता है। लेकिन इस विधानसभा क्षेत्र मे भाजपा का जनाधार कम दिखाई दे रहा है ।
जिससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं वंही कांग्रेस पार्टी की तरफ भवानी सिंह पठानियां को टिकट मिलता है तो यह सीट कांग्रेस की झोली मे जा सकती है यदि किसी और कांग्रेस नेता को दे दी जाती है तो तो यह सीट भी कांग्रेस के हाथ से निकल सकती हैं। क्योंकि ग्राउंड रिपोर्ट ये कह रही है कि फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र मे सिर्फ डा राजन सुंशात और भवानी सिंह पठानियां जनता की पसंद है।
आपको ये भी बता दें कि इस बार फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र मे कड़ा मुकाबला डॉक्टर राजन सुंशात और भवानी पठानियां के बीच हो सकता है ।वंही कांग्रेस मंडल फतेहपुर ने भी हाईकमान को सुजान सिंह पठानिया के पुत्र भवानी पठानिया को कांग्रेस पार्टी की टिकट देने की मांग की है।
इस बार फतेहपुर में पूर्व सांसद डॉ राजन सुशांत भी चुनाव लड़ रहे हैं जोकि भाजपा के पुराने मंत्री रहे हैं तथा उनकी जनता फीडबैक काफी अच्छी है ।परन्तु इस बार पूर्व सांसद डॉ राजन सुशांत जी का जनता कार्ड काफी अच्छा है । वंही सुजान सिंह पठानियां द्वारा विधानसभा क्षेत्र फतेहपुर मे करवाये विकास कार्य का श्रेय उनके पुत्र भवानी सिंह को मिल सकता है।