
शिमला, व्यूरो
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर सोमवार को प्रदेशभर में नामांकन पत्रों की छंटनी की गई। पंचायत चुनाव के लिए आए कुल 88,572 नामांकन पत्रों में 62 जांच में गलत पाए गए। निर्वाचन आयोग के मुताबिक शाम सात बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार पंचायत प्रधान के सबसे अधिक 26 नामांकन रद्द किए गए। पंचायत वार्ड मैंबर के 18 नामांकन, उपप्रधान के छह, पंचायत समिति सदस्य के 8 और जिला परिषद के 4 नामांकन जांच में गलत पाए गए हैं। इन्हें चुनाव लडऩे के लिए अयोग्य ठहरा दिया गया है। कुछ गलत नामांकन पत्रों पर मंगलवार को भी फैसला आ सकता है। अब चुनाव मैदान में 88,510 दावेदार बचे हैं।
दरअसल, शपथपत्र में गलत जानकारी देने, नामांकन पत्र गलत भरने वाले, जिनके प्रपोजल के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, ऐसे दावेदारों के नामांकन नियमों के तहत रद्द किए गए। कुछ प्रत्याशियों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों के नामांकन पत्रों को भी चुनौती दी है। कइयों पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के भी आरोप लगे हंै। ऐसे दावेदारों को आर.ओ. व ए.आर.ओ. ने अभिलेख जमा करने के लिए एक दिन का वक्त दिया है। इनके द्वारा दस्तावेज देने के बाद निर्वाचन आयोग इन्हें सत्यापित करेगा और उस पर मंगलवार को फैसला देगा। बुधवार को सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आबंटित कर दिए जाएंगे।
प्रदेश में 17, 19 और 21 जनवरी को कुल 30,003 पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं। राज्य में इसके लिए करीब 21,200 मतदान केंद्र बना लिए गए हैं। पंचायत चुनाव में तकरीबन 52 लाख मतदाता नए जन प्रतिनिधियों का चयन करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक व्यक्ति कुल पांच वोट देगा। ये वोट प्रधान, उपप्रधान, वार्ड मैंबर, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए करेंगे।
