हिमाचल में एसएचओ समेत कई घायल, तहसीलदार की गाड़ी तोड़ी और दुकान में लगाई आग, नाहन में दो गुटों में खूनी संघर्ष

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हिमाचल प्रदेश के नाहन में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प के बाद तनाव की स्थिति बन गई, पत्थरबाजी में SHO समेत कई लोगों के घायल होने की सूचना है, घटना के दौरान तहसीलदार की गाड़ी में तोड़फोड़ और एक दुकान में आग लगाने की भी खबर है।

सिरमौर – नरेश कुमार राधे

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में शुक्रवार को वाल्मीकि चौक पर दो पक्षों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों ओर से हुई जमकर पत्थरबाजी में सदर थाना प्रभारी कुलबीर सिंह समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। एक पुलिस जवान की टांग में गंभीर चोट लगने की बात भी सामने आई है। हिंसा के दौरान कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और वाल्मीकि जी के स्मारक को नुकसान पहुंचने की सूचना के बाद तनाव और बढ़ गया।

जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत वाल्मीकि चौक पर क्षतिग्रस्त स्वागत द्वार की मरम्मत को लेकर हुई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला पत्थरबाजी तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और कुछ जिम्मेदार लोगों ने हालात संभालने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति को नियंत्रित करने में समय लगा।

दोपहर 12 बजे शुरू हुआ विवाद, घंटों बनी रही तनावपूर्ण स्थिति

जानकारी के मुताबिक, विवाद शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ और दोपहर 3:45 बजे तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। मौके पर महिला पुलिसकर्मियों सहित पुलिस बल तैनात रहा। डीएसपी शक्ति सिंह, थाना प्रभारी कुलबीर सिंह और अन्य अधिकारी स्थिति संभालने में जुटे रहे। घटनाक्रम के दौरान थाना प्रभारी के सिर पर चोट लगने की सूचना भी सामने आई है। हालांकि, हिंसा की शुरुआत के बाद हालात बिगड़ने और पुलिसकर्मियों के घायल होने से कानून-व्यवस्था की तैयारियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

रिजर्व फोर्स पहुंचने में देरी पर उठे सवाल

घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जब विवाद शुरुआती दौर में ही बढ़ने लगा था, तो अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती समय रहते क्यों नहीं हो पाई। सिरमौर के नजदीक आईआरबी की छठी बटालियन होने के बावजूद रिजर्व फोर्स को मौके पर पहुंचने में कितना समय लगा, यह भी चर्चा का विषय है।

हालांकि, रिजर्व फोर्स की तैनाती और पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रशासन का विस्तृत आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी तय करने से पहले प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित, वाहनों की लगी कतारें

नाहन में हिंसक झड़प का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। जानकारी के अनुसार, नेशनल हाईवे-907ए पर दोपहर करीब 12 बजे से 3 बजे तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। शिमला और चंडीगढ़ की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक निजी वाहन के घटनास्थल से निकलने की कोशिश के दौरान उस पर पत्थर फेंके जाने की सूचना भी सामने आई है। हिंसा के दौरान कई अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।

मेडिकल कॉलेज वाले शहर में एंबुलेंस की आवाजाही पर चिंता

नाहन में मेडिकल कॉलेज होने के कारण यातायात बाधित होने की स्थिति ने आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी चिंता बढ़ाई। ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि इसी दौरान किसी गंभीर मरीज को अस्पताल पहुंचाने की जरूरत पड़ती, तो एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही कैसे सुनिश्चित की जाती।

हिंसा के दौरान वैकल्पिक मार्गों, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं के प्रबंधन को लेकर प्रशासन की तैयारियां भी अहम हो जाती हैं। इन व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

स्मारक को नुकसान पहुंचने के बाद बढ़ा तनाव

घटनाक्रम के दौरान वाल्मीकि जी के स्मारक को नुकसान पहुंचाए जाने की सूचना सामने आई, जिसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया। आग बुझाने वाली गाड़ी को भी मौके पर बुलाया गया। हालांकि, आग लगने की घटना और उससे हुए नुकसान की विस्तृत आधिकारिक जानकारी की पुष्टि होना बाकी है।

दोनों पक्षों के कुछ जिम्मेदार लोगों ने अपने-अपने पक्ष के लोगों को रोकने और शांति बनाए रखने की कोशिश की। ऐसे संवेदनशील मामले में जरूरी है कि पूरे समुदाय को जिम्मेदार ठहराने के बजाय हिंसा में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए।

प्रशासन की कार्रवाई और शांति बहाली पर नजर

मौके पर एसडीएम नाहन भी पहुंचे। घटना ने कानून-व्यवस्था, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात प्रबंधन और आपात सेवाओं की तैयारियों से जुड़े कई सवाल खड़े किए हैं। इन सभी बिंदुओं पर प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण है।

फिलहाल प्राथमिकता शहर में शांति बहाल करने, घायलों को उचित उपचार उपलब्ध करवाने और किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोकने की है। घटना के कारणों, नुकसान और जिम्मेदार लोगों के संबंध में पुलिस की जांच तथा प्रशासन की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

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