मकर संक्रांति: धनु से मकर में प्रवेश कर रहे सूर्यदेव, खिचड़ी में डालें ये दालें, ग्रहों से है कनेक्शन

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शाहपुर – नितिश पठानियां

वर्ष 2026 में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन का पुण्य काल दोपहर 3:13 बजे से आरंभ होगा। वहीं महा पुण्य काल दोपहर 3:13 बजे से शाम 4:58 बजे तक रहेगा। शाहपुर के ज्योतिषी आचार्य पंडित अमित कुमार शर्मा ने बताया कि इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे।

शास्त्रों के अनुसार, इस अवधि में किया गया स्नान-दान और पूजा कई गुना पुण्य फल प्रदान करती है। माना जाता है कि इस शुभ काल में दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।

मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व अत्यंत गहन है। यह पर्व उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है, जब सूर्य देव दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर अग्रसर होते हैं। उत्तरायण को आध्यात्मिक उन्नति का काल माना गया है। इस समय किए गए जप, तप, दान और पूजा का फल शीघ्र प्राप्त होता है।

ब्राह्मणों, साधुओं और दीन-दुःखी, निर्धन, जरूरतमंद लोगों को दान देने से भगवान सूर्य की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस दिन खिचड़ी बनाई जाती है तथा सगे-संबंधियों को खिचड़ी का आदान प्रदान किया जाता है।

मकर संक्रांति का पौराणिक महत्व

पौराणिक कथाओं अनुसार महाभारत के अनुसार, भीष्म पितामह ने उत्तरायण काल की प्रतीक्षा करते हुए अपने प्राण त्यागे थे। मान्यता है कि उत्तरायण में देह त्याग करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी कारण इस काल को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।

मकर संक्रांति में खिचड़ी का महत्व

खिचड़ी के हर एक घटक का संबंध किसी न किसी ग्रह से है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब हम मकर संक्रांति पर चावल, उड़द की दाल, हल्दी, नमक, हरी सब्जियां मिलाकर बनाई गई खिचड़ी खाते हैं, तो हम इन ग्रहों को शांत और मजबूत कर रहे होते हैं।

चावल (चंद्रमा): खिचड़ी का मुख्य हिस्सा चावल है, जिसे चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है। यह मन की शांति और शीतलता का कारक है।

उड़द की दाल (शनि देव): मकर संक्रांति पर विशेष रूप से काली उड़द की दाल वाली खिचड़ी बनाई जाती है. उड़द की दाल का संबंध शनि देव से है। सूर्य के मकर राशि (शनि की राशि) में प्रवेश करने पर उड़द खाने से शनि दोष दूर होते हैं।

हल्दी (गुरु बृहस्पति): खिचड़ी में डाली जाने वाली हल्दी का संबंध भगवान विष्णु और बृहस्पति ग्रह से है। यह भाग्य और ज्ञान में वृद्धि करती है।

नमक (शुक्र): नमक को शुक्र ग्रह का प्रतीक माना जाता है, जो जीवन में सुख-समृद्धि लाता है।

हरी सब्जियां (बुध): खिचड़ी में डाली जाने वाली मटर, गोभी या अदरक का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है।

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