किन्नौर में भारी बारिश से स्थगित हुई किन्नर कैलाश यात्रा, आईटीबीपी ने निकाला 413 श्रद्धालुओं को सुरक्षित, भूस्खलन से कटा किन्नौर और स्पीति का काजा
हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में किन्नर कैलाश यात्रा को मंगलवार को भारी बारिश के चलते स्थगित कर दिया गया था लेकिन यहां पर सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु फंसे हुए हैं। मंगलवार यहां पर पहाड़ों में बादल फटने के बाद दो पुल बह गए थे। अब आईटीबीपी ने यहां पर रेस्क्य़ू ऑपरेशन चलाय़ा है।
अब तक 413 लोगों को निकाल लिया गया है। आधी रात से ही आईटीबीपी और एनडीआरएफ की टीमें यहां पर श्रद्धालुओं को निकालने में जुटी हुई हैं। दरअसल, तांगलिंग क्षेत्र में किन्नर कैलाश यात्रा मार्ग पर बादल फटने के कारण ट्रैक का बड़ा हिस्सा बह जाने से सैकड़ों यात्री फंस गए थे।
इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) की 17वीं वाहिनी की टीम ने रस्सी आधारित ट्रैवर्स क्रॉसिंग तकनीक का प्रयोग करते हुए अब तक 413 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया। इस बचाव अभियान में 1 गजेटेड ऑफिसर, 4 सब-ऑर्डिनेट ऑफिसर और 29 अन्य रैंकों की आईटीबीपी टीम के साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 1 टीम भी सम्मिलित है।
बुधवार सुबह जिला प्रशासन, किन्नौर को मार्ग पर यात्रियों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद आईटीबीपी और एनडीआरएफ की संयुक्त बचाव टीमें पुनः स्थल पर रवाना हुईं और रेस्क्यू कार्य में जुट गईं। इससे पहले, मंगवार को अगले आदेशों तक किन्नर कैलाश यात्रा को स्थगित किया गया था। रेस्क्यू टीमें पुर्बानी के मार्ग से लोगों को निकाल रही है।क्योंकि तांगलिपी और कांगरंग नालों पर बने पुल बह गए हैं. किन्नर कैलाश यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन भी बंद कर दिया गया है।
उधर, बुधवार को भारी बारिश के चलते भूस्खलन औरह पहाड़ी से पत्थरों की बरसात शुरू हो गई है औऱ किन्नौर और लाहौल स्पीति को जोडने वाली राष्ट्रीय उच्च मार्ग 5 ज्यूरी के निकट पहाड़ी से पत्थरों की बरसात होने से राष्ट्रीय उच्च मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग चौरा और स्किबा के पास भी अवरुद्ध है। फिलहाल, किन्नौर और स्पीति का काजा देश दुनिया से कट गया है।