हिमखबर डेस्क
नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा हिमाचल के किन्नौर जिला के वीर सपूत हवलदार रोहित कुमार नेगी को मरणोपरांत ‘शौर्य चक्र’ से अलंकृत किया है। जिसे शहीद रोहित कुमार नेगी के मां कृष्णा देवी और उनकी पत्नी भारत लक्ष्मी ने प्राप्त किया है।
वहीं, शहीद रोहित कुमार नेगी को मरणोपरांत शौर्य चक्र दिए जाने पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनके योगदान को याद किया। सीएम सुक्खू ने एक्स सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया, जिसमें सीएम ने लिखा, “नई दिल्ली में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिला के तरांडा गांव निवासी वीर सपूत हवलदार रोहित कुमार नेगी जी को मरणोपरांत ‘शौर्य चक्र’ से अलंकृत किया गया।
8 अक्टूबर, 2023 को जम्मू-कश्मीर में कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभाते हुए रोहित कुमार नेगी हिमस्खलन की चपेट में आकर वीरगति को प्राप्त हुए थे। देश उनकी बहादुरी और बलिदान को सदैव याद रखेगा। उनका शौर्य और समर्पण देश के युवाओं को हमेशा मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
बता दें कि किन्नौर के तरांडा गांव के सेना में हवलदार रोहित नेगी अक्टूबर 2023 के पहले सप्ताह में कश्मीर में पाकिस्तान के साथ लगती सीमा पर तैनात थे। रोहित नेगी सेना की डोगरा रेजिमेंट में कार्यरत थे। एक अभियान के दौरान बर्फीले तूफान की चपेट में आने से रोहित नेगी अपने साथियों के साथ हिमखंड में दब गए थे।
उस दौरान उनके एक साथी का पार्थिव शरीर मिला था, लेकिन रोहित नेगी समेत उनके अन्य साथियों का बर्फ में कोई पता नहीं चल पाया था। हादसे के 9 महीने बाद, भारतीय सेना ने रोहित नेगी का पार्थिव शरीर खोज निकाला। शहीद रोहित नेगी ने कश्मीर सीमा पर अपनी सेवाएं देते हुए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।
भारतीय सेना उनके पार्थिव शरीर को 8 जुलाई 2024 को कारगिल से लेह लेकर पहुंची। वहां से उनका पार्थिव शरीर चंडीगढ़ और फिर चोलिंग पहुंचाया गया था। चोलिंग से वाहन मार्ग द्वारा पार्थिव देह उनके पैतृक गांव तरांडा लाया गया।जहां शहीद रोहित का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था। इस दौरान परिवार, सैन्य अधिकारी सहित सैकड़ों लोगों ने अपने लाडले को नम आंखों से विदाई दी थी।