शोभा यात्रा के साथ 59वे महारूद्र यज्ञ महोत्सव का शुभारंभ
चम्बा – भूषण गुरूंग
आज हरी गिरी जी महाराज जी के सन्यास आश्रम ककीरा में पांच दिवसीय 59वा महारूद्र यज्ञ महोत्सव का शुभ आरंभ किया गया। जिसके मुख्य जजमान मुंबई से आए हुए स्वामी के परम भक्त गोविंद भाई ओझा और उनके समस्त परिवार रहे।
बता दें कि उन लोगों के द्वारा इस महारुद्र यज्ञ का आयोजन किया जाता है। आज ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी 18 में 2025 रविवार के दिन इस महा रूद्र का शुभारंभ किया गया। जिसमें देश के माने हुए विद्वान पंडितों के द्वारा इस महारूद्र यज्ञ का शुभारंभ किया गया।
सबसे पहले सुबह ठीक 9:00 बजे स्वामी हरि गिरि जी महाराज जी के आश्रम से उनकी पालकी के साथ एक विशाल शोभा यात्रा निकाली गई जो मंदिर परिषद से होते हुए।
ककीरा बाजार के प्राचीन शिव मंदिर तक इस शोभा यात्रा को निकाला गया। इसमें आश्रम के ट्रस्टी के अलावा बाजार के आसपास के क्षेत्र के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
स्वामी के परम भक्त गोविंद भाई ओझा ने बताया कि वह इस मंदिर के साथ कई वर्षों से जुड़े हुए हैं। पहले इनके पिता श्री हुआ करते थे। इनके परिवार के द्वारा 1969 से अपने गुरुजी के संन्यास आश्रम में लगातार महारूद्र यज्ञ महोत्सव का आयोजन हर वर्ष मई के महीने में किया जाता है और यह महारुद्र यज्ञ पूरे 5 दिन तक चलता है।
उनका कहना है इस यज्ञ को करने से एक तो वातावरण शुद्ध होता है।और किसी भी प्रकार के रोगों से मुक्ति पाया जा सकता है और इसे विश्व शांति के लिए भी किया जाता है।
इन इस 5 दिन की यज्ञ में लगभग 31 ब्राह्मणों के द्वारा आचार्य प्रफुल्ल भाई दुबे के अगुवाई में सुबह 6:00 बजे लेकर देर शाम तक इस यज्ञ में पूरे मंत्रों उच्चारण के साथ हवन कुंड में आहुति डाली जाती है।
इन पांच दिनों में इस महा रूद्र यज्ञ में विशेष प्रकार की जड़ी बूटियां देसी घी तील जो गुड़ चीनी शहद के अलावा कई प्रकार की सुगंधित चीज इनमें डाला जाता है।
पूरे 5 दिन तक मंदिर परिसर में यहां के स्थानीय लोगों सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। अंतिम दिन में महा रूद्र यज्ञ के समापन पूरे लोग द्वारा हवन कुंड में आहुति डालकर इस यज्ञ का समापन किया जाता है।