पहलगाम हमले की जवाबी गूंज : मॉकड्रिल की तैयारी दिखा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से दिया पाक को करारा जवाब

--Advertisement--

हिमखबर डेस्क

भारत ने एयर स्ट्राइक को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया है। यह नाम सामने आते ही देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। सवाल यह है कि इस नाम के पीछे सिर्फ क्या सोच है। उम्मीद है कि इसके पीछे गहरा भावनात्मक पहलू है।

“ऑपरेशन सिंदूर” सिर्फ एक कोडनेम नहीं, दुश्मनों के लिए एक खौफनाक पैगाम है। ये उसी पल की जवाबी गूंज थी, जब पुलवामा हमले में एक बहादुर बेटी का सुहाग उजाड़ दिया गया था। वही तस्वीर-लहूलुहान तिरंगे से लिपटे शहीद की अर्थी के सामने सिंदूर में डूबी उसकी पत्नी की आंखें–आज भी करोड़ों हिंदुस्तानियों के सीने में जलती आग है।

तब सोशल मीडिया पर लिखा गया था – “ये तस्वीर पाकिस्तान को रुला देगी…” और आज हिंदुस्तान ने साबित कर दिया कि अगर हमारी बेटियों की मांग का सिंदूर छीनोगे, तो तुम्हारे वजूद को नक्शे तक से मिटा दिया जाएगा। हम चुप नहीं बैठते…हम इंतज़ार करते हैं – सही वक्त का, सही जगह का…और फिर ऐसा वार करते हैं कि आने वाली नस्लें भी कांप जाएं।

आतंकी हमले में भारतीय नौसेना के एक अधिकारी शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई, जिसमें शहीद अधिकारी की पत्नी, उनके पार्थिव शरीर के पास बैठी थीं। 6 दिन पहले शादी, हाथों की मेहंदी भी उतरी नहीं थी, माथे पर सिंदूर लगा था और आंखों में आंसुओं के साथ भी चेहरा दृढ़ नजर आ रहा था।

इस तस्वीर ने देश के लाखों लोगों को झकझोर कर रख दिया। कई लोगों ने इसे भारत की स्त्री शक्ति, त्याग और आत्मबल का प्रतीक बताया। माना जा रहा है कि इसी भावनात्मक दृश्य को जहन में रखते हुए इस सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया।

बता दें कि पीएम मोदी ने साफ संदेश दिया था कि पहलगाम हमले में आतंकियों ने हमारी कई बेटियों को विधवा किया और पुरुषों को मारकर सिंधूर हटाया है। हमें इसका जवाब देते हुए बड़ी कार्रवाई करनी है। पीएम ने इसी कारण इस सैन्य ऑपरेशन का नाम ‘मिशन सिंदूर’ रखा था।

वहीं, इस ऑपरेशन का नाम “सिंदूर” क्यों रखा गया, इसका प्रतीकात्मक अर्थ उस समय और स्पष्ट हो गया जब प्रेस कॉन्फ्रेंस को लीड करने के लिए दो महिला अधिकारी पहुंचीं। ऑपरेशन सिंदूर’ अब केवल एक सैन्य कोड नहीं रहा। यह नाम हर उस पत्नी, मां, बहन,  हर उस परिवार का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका सुहाग, बेटा व भाई देश की सरहदों की रक्षा में सब कुछ न्योछावर कर देश का सिर ऊंचा रखता है।

उधर, देश के 244 जिलों में 7 मई को एक साथ मॉक ड्रिल आयोजित करने का ऐलान किया गया, जो इस ऑपरेशन से जुड़ी तैयारियों का हिस्सा मानी जा रही है। इस स्तर की तैयारियां दर्शाती हैं कि भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं, बल्कि पहले से योजनाबद्ध कार्रवाई करने वाला राष्ट्र बन चुका है।

वहीं, ऐसा  माना जा रहा है कि भारत ने दिखाया कुछ और, किया कुछ और। यानी सरकार की ओर से जितना सामने बताया गया, हकीकत में कार्रवाई उससे कहीं बड़ी रही हो सकती है। यह रणनीति ‘डिप्लोमैटिक साइलेंस’ यानी रणनीतिक चुप्पी का हिस्सा मानी जा रही है।

--Advertisement--
--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

शातिरों के जाल में फंसा व्यक्ति, APK फाइल पर क्लिक करते ही हजाराें रुपए का लग गया चूना

हिमखबर डेस्क  साइबर थाना नोर्थ जोन धर्मशाला के तहत ऑनलाइन...