बकलोह/चम्बा – भूषण गुरुंग
पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय बकलोह में बुधवार को ‘रूट टू रूट’ कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध शास्त्रीय नृत्य परंपरा से परिचित कराया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध ओडिसी शास्त्रीय नृत्यकार दीनबंधु दलाई द्वारा ओडिसी शास्त्रीय नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी गई और विद्यार्थियों को इसकी ऐतिहासिकता, संरचना तथा भाव-भंगिमाओं की जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत ओडिसी नृत्य के इतिहास और इसकी विशिष्टताओं को समझाने से हुई। विद्यार्थियों को बताया गया कि यह नृत्य शैली ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर है और यह मंदिरों में देवी-देवताओं की स्तुति के रूप में प्राचीन काल से प्रचलित रही है। इसमें त्रिभंगी मुद्रा, भंगिमा, हस्तमुद्राएँ और अभिव्यक्ति के माध्यम से कथानक को दर्शाया जाता है।
इस अवसर पर प्रसिद्ध ओडिसी शास्त्रीय नृत्यकार दीनबंधु दलाई ने अपनी जीवंत प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने ओडिसी नृत्य की बारीकियों, जैसे नयनों की चंचलता, हाथों की मुद्राएँ और पद संचालन की विविधता को न केवल प्रस्तुत किया बल्कि विद्यार्थियों को भी इनका अभ्यास कराया।
प्राचार्य अनिल कुमार के बोल
विद्यालय के प्राचार्य अनिल कुमार ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम और गर्व को बढ़ावा देती हैं और एक प्रेरणा बनकर उनके मन में भारतीय शास्त्रीय कला को समझने और अपनाने की भावना को प्रबल करती हैं।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है ताकि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति कलाओं एवं परंपराओं से अवगत करवाया जा सके। उन्होंने दीनबंधु दलाई एवं मोहित कुमार का विद्यालय की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने शास्त्रीय नृत्य से संबंधित प्रश्न पूछे और मंच पर विभिन्न शास्त्रीय भाव-भंगिमाओं की प्रस्तुति भी दी, जिससे यह कार्यक्रम संवादात्मक और प्रभावशाली बन गया।