सरकारी जमीन पर किया था कब्जा, सकरी पंचायत की महिला प्रधान बर्खास्त

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सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप में प्रधान रोमन भक्कल बर्खास्त, पंचायत का कार्यभार उपप्रधान को सौंपा गया, बीजेपी में शामिल होने के बाद भी विवादों से घिरीं रोमन भक्कल।

देहरा – शिव गुलेरिया

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के देहरा में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के आरोपों के चलते सकरी पंचायत की प्रधान रोमन भक्कल को डीसी कांगड़ा हेम राज बैरवा ने बर्खास्त कर दिया है। पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 131 (2) के तहत की गई इस कार्रवाई के बाद पंचायत का कार्यभार उपप्रधान को सौंपा गया है।

हरिपुर तहसील से मिली रिपोर्ट के अनुसार, प्रधान रोमन भक्कल और उनके परिवार पर सरकारी जमीन (खसरा नंबर 233/1 और 233/2) पर अवैध कब्जा करने के आरोप लगे थे। वन विभाग की शिकायत पर यह मामला न्यायालय में गया, जहां से 4 मार्च 2025 को बेदखली का आदेश जारी हुआ।

अब जब रोमन भक्कल को प्रधान पद से हटा दिया गया है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी उनके समर्थन में आती है या इस फैसले से खुद को दूर रखती है। इस मामले ने देहरा और हरिपुर में बीजेपी की अंदरूनी राजनीति को फिर से गर्मा दिया है।

तहसीलदार हरिपुर की ओर से 5 सितंबर 2024 को भेजी गई रिपोर्ट में रोमन भक्कल और उनके परिवार के सदस्यों पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने के आरोप लगे थे। रिपोर्ट के अनुसार, खसरा नंबर 233/1 (पक्का रास्ता) और खसरा नंबर 233/2 (गौशाला खंडरनुमा) पर उनका कब्जा पाया गया।

इस पर 6 नवंबर 2024 को प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसके जवाब में उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया और बताया कि मामला वनमंडलाधिकारी, देहरा के न्यायालय में विचाराधीन है। 4 मार्च 2025 को समाहर्ता एवं वनमंडलाधिकारी, देहरा के न्यायालय ने आदेश जारी कर कहा कि रोमन भक्कल और उनके परिवार का उक्त भूमि पर अवैध कब्जा है। न्यायालय ने 30 दिनों के भीतर कब्जा हटाने के निर्देश दिए।

पद से हटाने का निर्णय

हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 122 (1)(ग) के अनुसार, यदि कोई पंचायत पदाधिकारी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करता है, तो वह अपने पद के लिए अयोग्य हो जाता है। इसी आधार पर उपायुक्त कांगड़ा ने तत्काल प्रभाव से प्रधान पद को रिक्त घोषित कर दिया।

पद से हटाने के आदेश में निर्देश दिया गया है कि ग्राम पंचायत सकरी की चल-अचल संपत्ति पंचायत सचिव को सौंपी जाए। साथ ही, पंचायती राज नियम, 1997 के नियम 136 (2) के तहत, पंचायत के कार्यों का दायित्व उपप्रधान को सौंपा गया है।

बीजेपी में शामिल होने के बाद भी विवादों से घिरीं

यह मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ चुका है, क्योंकि रोमन भक्कल वर्तमान में बीजेपी मंडल हरिपुर की अध्यक्ष हैं। पंचायत विवादों के बाद जब उन्होंने बीजेपी का दामन थामा, तो उन्हें हरिपुर बीजेपी मंडल की कमान सौंपी गई हालांकि उनके चयन का पार्टी के भीतर भी विरोध हुआ था।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रमेश धवाला ने रोमन भक्कल की नियुक्ति का विरोध किया था। धवाला ने पार्टी में गुटबाजी के आरोप लगाते हुए “असली बीजेपी” नाम से एक समानांतर संगठन भी बना दिया, जिससे पार्टी में अंदरूनी कलह और बढ़ गई।

पूर्व विधायक होशियार सिंह की करीबी मानी जाती हैं

रोमन भक्कल को पूर्व निर्दलीय विधायक होशियार सिंह का करीबी माना जाता है। होशियार सिंह ने 2017 में देहरा से निर्दलीय चुनाव जीतकर बीजेपी का समर्थन किया था, लेकिन 2022 में उन्हें टिकट नहीं मिला। रोमन भक्कल की बीजेपी में एंट्री को भी इसी सियासी समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा था। होशियार सिंह के इस्तीफ़े के बाद हुए देहरा उपचुनाव 2024 में रोमन भक्कल ने बीजेपी प्रत्याशी का साथ दिया था।

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