हिमखबर डेस्क
दीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है। छोटी दिवाली से एक दिन पहले धनतेरस के पर्व को मनाया जाता है। सनातन शास्त्रों में धनतेरस के पर्व का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की उपासना करने से जीवन में कभी भी पैसों की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है।
विधानसभा क्षेत्र शाहपुर के मनेई के ज्योतिषी पंडित आचार्य अमित शर्मा कुमार ने बताया कि कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 29 अक्तूबर को सुबह 10 बजकर 31 मिनट पर होगी और इसका समापन 30 अक्तूबर को दोपहर 01 बजकर 15 मिनट पर होगा।
ऐसे में 29 अक्तूबर को धनतेरस मनाया जाएगा। इस साल धनतेरस पर पुष्कर योग व इंद्र योग बन रहा है । पुष्कर योग सुबह 6 बजकर 31 मिनट से शुरू होकर 10बजकर 31मिनट तक रहेगा, वहीं 7 बजकर 41 मिनट तक इंद्र योग है।
धनतेरस 2024 शुभ मुहूर्त
शाम 06 बजकर 31 मिनट से रात 08 बजकर 13 मिनट तक है।
धनतेरस पूजा विधि
धनतेरस के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद मंदिर की सफाई करें। सूर्य देव को जल अर्पित करें। चौकी पर मां लक्ष्मी, भगवान धनवंतरी और कुबेर की प्रतिमा को विराजमान करें। दीपक जलाकर चंदन का तिलक लगाएं।
इसके बाद आरती करें। संग में भगवान गणेश की भी पूजा करें। इसके पश्चात मिठाई और फल समेत आदि चीजों का भोग लगाएं। श्रद्धा अनुसार दान करें। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से धन लाभ के योग बनते हैं और जातक को आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है।
क्या खरीदें और क्या नहीं
धनतेरस के अवसर पर सोना, चांदी, पीतल, आभूषण, नए बर्तन, नए कपड़े, धनिया और झाड़ू खरीदना काफी शुभ होता है। इस दिन काले या गहरे रंग की वस्तुएं, चीनी मिट्टी से बने बर्तन, कांच, एल्यूमिनियम और लोहे से बनी वस्तुओं को खरीदने से बचना चाहिए।