मोदी के समर्थन में पूरा एनडीए, 16 पार्टियों के 21 नेताओं ने सर्वसम्मति से चुने गठबंधन के नेता

--Advertisement--

पीएम आवास पर हुई बैठक में 16 पार्टियों के 21 नेताओं ने सर्वसम्मति से चुने गठबंधन के नेता, साथियों ने सौंपी मंत्रालयों की लिस्ट, टीडीपी ने छह मंत्रालय और स्पीकर पद मांगा, जदयू ने चार, पासवान ने दो मंत्रीपद की रखी मांग, मांझी को एक, शिवसेना को दो मंत्रालयों की हसरत

हिमखबर डेस्क

लोकसभा चुनाव के बाद अब सरकार बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में बुधवार को एनडीए की पहली बैठक पीएम आवास में बुधवार शाम चार बजे हुई। एक घंटे चली बैठक में मोदी को एनडीए का नेता चुना गया। बैठक में 16 पार्टियों के 21 नेता शामिल हुए।

सूत्रों के मुताबिक, सात जून को एनडीए के सांसदों की बैठक होगी। बैठक में नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुना जाएगा और फिर वह राष्ट्रपति से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। आठ जून को मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।

उससे पहले राजनाथ सिंह, अमित शाह और जेपी नड्डा को सभी सहयोगी दलों के साथ वन-टू-वन बात करेंगे और नई सरकार के स्वरूप पर चर्चा करेंगे। बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी सदस्यों ने गठबंधन नेता के रूप में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को अपना समर्थन दिया है।

प्रधानमंत्री आवास पर एनडीए सहयोगियों की बैठक में बिहार के सीएम और जदयू प्रमुख नीतीश कुमार, तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के चंद्रबाबू नायडू, लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के चिराग पासवान, राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के जयंत चौधरी, एचडी कुमारस्वामी, जीतन राम मांझी, अनुप्रिया पटेल, एकनाथ शिंदे के अलावा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा और अन्य शामिल रहे।

एनडीए की बैठक में जो प्रस्ताव पास किया गया है, जिसमें कहा गया है कि भारत के 140 करोड़ देशवासियों ने पिछले 10 वर्षों में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों से देश को हर क्षेत्र में विकसित होते देखा है।

बहुत लंबे अंतराल, लगभग छह दशक के बाद भारत की जनता ने लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत से सशक्त नेतृत्व को चुना है। हम सभी को गर्व है कि 2024 का लोकसभा चुनाव एनडीए ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एकजुटता से लड़ा और जीता। हम सभी एनडीए के नेता नरेंद्र मोदी को सर्वसम्मति से अपना नेता चुनते हैं।

इसमें कहा गया है कि मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार भारत के गरीब-महिला-युवा-किसान और शोषित, वंचित व पीडि़त नागरिकों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत की विरासत को संरक्षित कर देश के सर्वांगीण विकास हेतु एनडीए सरकार भारत के जन-जन के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए कार्य करती रहेगी।

तीसरी बार मोदी सरकार बनाने की तैयारियों के बीच एनडीए में शामिल घटकदलों ने अपनी हसरतें भी दिखानी शुरू कर दी हैं। भाजपा को पूर्ण बहुमत न मिलने के चलते अब एनडीए में शामिल दल मंत्री पदों को लेकर दबाव बनाने लगे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, 16 सीट जीतने वाली टीडीपी ने छह मंत्रालयों समेत स्पीकर पद की मांग की। वहीं, 12 सीटें जीतने वाले जदयू के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि यह स्पष्ट है कि जदयू बड़े सौदेबाजी की स्थिति में है, इसलिए हम कम से कम चार कैबिनेट रैंक के मंत्री पद पाने की उम्मीद कर रहे हैं।

एक और एमओएस रैंक के मंत्री पद के लिए कहा जा सकता है,। उन्होंने कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व रेलवे, ग्रामीण विकास, जल संसाधन जैसे विभागों के लिए उत्सुक है, क्योंकि ये विभाग पार्टी को बिहार के लिए परियोजनाएं प्राप्त करने में मदद करेंगे और राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास को भी बढ़ावा देंगे।

उधर, पांच सीटें जीतने वाले चिराग पासवान ने दो (एक कैबिनेट, एक स्वतंत्र प्रभार) मंत्री पदों की मांग रख दी है। इसी तरह जीतन राम मांझी ने एक, शिवसेना शिंदे गुट ने दो ( एक कैबिनेट, एक स्वतंत्र प्रभार) मंत्रालयों की मांग की है।

वहीं, जयंत चौधरी ने कहा है कि हमें इलेक्शन के पहले एक मंत्री पद देने का वादा किया गया था। इसी तरह अनुप्रिया पटेल भी एक मंत्री पद चाहती हैं।

--Advertisement--
--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

शातिरों के जाल में फंसा व्यक्ति, APK फाइल पर क्लिक करते ही हजाराें रुपए का लग गया चूना

हिमखबर डेस्क  साइबर थाना नोर्थ जोन धर्मशाला के तहत ऑनलाइन...