परगोड़ में स्थित सिद्ध गोरिया बाबा का मंदिर बना आस्था का केंद्र

--Advertisement--

18 व 19 मई को होगा भण्डारे व विशाल दंगल का आयोजन

शाहपुर – नितिश पठानियां

जिला काँगड़ा के हारचकियाँ के समीप प्राचीन सिद्ध गोरिया बाबा आस्था का केंद्र बना है।जहां दूर दूर से श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते है।32 मील रानीताल मार्ग पर हारचकियाँ से करीबन 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित परगोड़ नामक गांव में एक पहाड़ी पर दो बड़े पत्थरों के नीचे बनी गुफा में साक्षात बाबा सिद्ध गोरिया निवास करते हैं।

कुछ दन्तकथाओं के अनुसार ऐसी मान्यता है कि सिद्ध गोरिया बाबा परगोड़ में स्थित दो बड़े पत्थरों के बीच बनी गुफा में निवास करते थे तथा बाल गोपालों के साथ रहते थे। गांववासी भी नई फसल व दूध इत्यादि दिया करते थे।जब ग्वालों की गायें गुम हो जाती थी तो उनको ढूढने में सहायता किया करते थे।

लोगों का मानना है कि बाबा हर प्रकार की समस्याओं को दूर करते है जो भी मनुष्य सच्ची श्रद्धा के साथ बाबा से कुछ भी मांगे उसकी इच्छा निश्चय ही पूरी होती है।

मेला कमेटी प्रधान बलदेव सिंह के बोल

मेला कमेटी प्रधान बलदेव सिंह ने बताया कि ऐतिहासिक परगोड़ बाबा के बारे में हमने अपने पूर्वजों से जाना है तथा 84 सिद्धों में एक सिद्ध गोरिया बाबा दो बड़े पत्थरों के नीचे बनी गुफा में रहते थे। बाल ग्वालों के साथ रहा करते है। हर वर्ष ज्येष्ठ महीने के पहले रविवार को छिंज मेले का आयोजन किया जाता था तथा मेले के पहले दिन भंडारे का आयोजन किया जाता था।

इस परंपरा को लोगों ने आज भी वैसे ही कायम रखा है। सभी लोगों अपने घर से नई फसल का अन्न लेकर आते है और भंडारे का आयोजन रहता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में काफी दूर दराज दिल्ली, पंजाब, जम्मू, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, इत्यादि राज्यों से लोग यहां पहुंचते है तथा अपनी मनोकामना पूरी करते है।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 18 व 19 मई को विशाल भण्डारे व दंगल का आयोजन होगा।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

विदेश जाना हुआ महंगा, सरकार ने बढ़ाई पासपोर्ट की आवेदन फीस, री-इश्यू करवाना भी महंगा

हिमखबर डेस्क विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ा...

Teacher Eligibility Test: हिमाचल में शिक्षकों को 31 अगस्त से पहले पास करना होगा TET

हिमखबर डेस्क हिमाचल सरकार ने इन सर्विस टीचर्स के लिए शिक्षक...

टांडा मेडिकल कॉलेज का पानी पीने लायक नहीं

हिमखबर डेस्क डाक्टर राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा...