मेडिकल कालेज नेरचौक में रैगिंग; दो छात्राओं समेत छह सस्पेंड, गाते और नचवाते हुए ली इंट्रो

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सभी छह माह के लिए छात्रावास से निष्कासित, तीन महीने के लिए शैक्षणिक सत्र में भाग लेने पर भी रोक, आरोपी छात्रों को भरना होगा 25 हजार रुपए का जुर्माना

मंडी – अजय सूर्या

हिमाचल प्रदेश में रैगिंग के मामले थमते नजर नहीं आ रहे हैं। अभी हाल ही में जिला मंडी आईआईटी संस्थान में रैगिंग का मामला थमा नहीं था कि शनिवार को जिला मंडी के नेरचौक स्थित श्रीलाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कालेज में भी सीनियर्स स्टूडेंट्स ने जूनियर्स की रैगिंग कर डाली।

इंजीनियर्स के बाद मुन्ना भाई एमबीबीएस टाइप रैगिंग का मामला सामने आने से प्रदेश भर के संस्थानों में उत्तीर्ण हुए नए बच्चों में हडक़ंप तथा उनके अभिभावकों के मन में भय का माहौल व्याप्त हो गया है।

जानकारी के अनुसार एमबीबीएस कालेज रैगिंग मामले में शामिल छह सीनियर स्टूडेंट्स, जोकि 2022 बैच के हैं, जिसमें चार लडक़े तथा दो लड़कियों द्वारा 2023 बैच के नए प्रशिक्षु छात्रों की रैगिंग कर डाली है।

सेकंड ईयर के छात्र-छात्राओं ने मुन्ना भाई एमबीबीएस टाइप बनकर हॉस्टल की गैलरी में अपने जूनियर्स को गाना गाने तथा नाचते हुए अपनी-अपनी इंट्रो देने के लिए मजबूर किया।

वहीं इसी रैगिंग मामले में शामिल दो लड़कियां, जिन्होंने अपने जूनियर्स के हॉस्टल के कमरों में जा-जाकर उनसे इंट्रो ली तथा उन्हें नाचने और गाने के लिए मजबूर किया गया।

सीनियर लडक़ों द्वारा चार दिन पूर्व रैगिंग ली गई थी और मामले को दबाने के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन जब दो दिन बाद लड़कियों द्वारा भी रैगिंग ली गई, तो किसी प्रताडि़त ने इसकी शिकायत अपने अभिभावकों से कर डाली, जिस पर अभिभावकों द्वारा कालेज प्रिंसीपल को इस मामले की जानकारी दी गई। कालेज प्रबंधन ने तुरंत मामले को एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दिया।

एंटी रैगिंग कमेटी ने मामले की जांच करने के पश्चात कालेज के चार छात्रों और दो छात्राओं को रैगिंग के मामले में संलिप्त पाते हुए उन सभी को छह माह के लिए छात्रावास से निष्कासित करने के साथ-साथ तीन महीने के लिए शैक्षणिक सत्र में भाग लेने पर भी रोक लगा दी गई।

इसके अलावा प्रत्येक छात्र को 25 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा कालेज में अन्य छात्रों को भी चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी रैगिंग करते हुए पाया जाता है, तो उन्हें कालेज से निष्कासित कर दिया जाएगा।

उधर, इस मामले की जानकारी देते हुए डा. डीके वर्मा, प्रिंसीपल एलबीएस मेडिकल कालेज नेरचौक ने बताया कि संस्थान में रैगिंग की घटना का मामला सामने आया है, जिसमें पाया गया है कि 2022 बैच के कुछ एमबीबीएस छात्रों द्वारा 2023 के फे्रशर बैच के छात्रों के साथ रैगिंग की गई।

शनिवार को संस्थान की एंटी रैगिंग कमेटी की एक बैठक बुलाई गई। समिति ने विस्तृत जांच के बाद निष्कर्ष निकाला कि कुछ छात्र रैगिंग के कृत्य में शामिल थे और दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की। घटना में शामिल छात्रों की कुल संख्या छह थी।

उन सभी को छह महीने के लिए छात्रावास से निष्कासित किया जा रहा है। साथ ही तीन महीने के लिए शैक्षणिक सत्र में भाग लेने से रोक दिया गया है। प्रत्येक छात्र को 25 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। सभी को चेतावनी दी गई है कि कोई भी रैगिंग करते हुए पाया गया तो सहन नहीं किया जाएगा। अगर भविष्य में रैगिंग जैसे मामले की पुनरावृत्ति होती है, तो संलिप्त प्रशिक्षुओं को कालेज से निष्कासित भी किया जा सकता है।

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