ब्रह्माकुमारिज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय रिवालसर ने बड़े हर्षो उलास से मनाई कृष्ण जन्माष्टमी
रिवालसर – अजय सूर्या
प्रजापिता ब्रह्माकुमारिज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय रिवालसर ने आज श्री कृष्णा जन्माष्टमी का कार्यक्रम बड़े ही हर्षोउल्लास और उमंग उत्साह के साथ सभी स्थानीय भाई बहनों के साथ मनाया। कार्यक्रम में बीके सुनीता दीदी व बीके ओमी दीदी और बीके सोमा बहन ने सभी भाई बहनों को कृष्णा जन्माष्टमी के महत्त्व और रहस्यों को उजागर किया।
उन्होंने बताया श्रीकृष्ण जयंती पर यही ईश्वरीय सन्देश है कि श्रीकृष्ण के अंदर जो मूल्य और विशेषताएं है उन्हें अपने जीवन में उतारने का प्रयास किया जाये। तथा गीता में वर्णित मनुष्य के अंदर छिपे शत्रुओं का नाश करें तभी छोटी मोटी बातों के लिए जो हर घर में महाभारत चल रहा है उसे समाप्त कर सकेंगे। और तभी श्रीकृष्ण जयंती का पर्व सार्थक हो सकेगा।
आज हर घर में महाभारत जैसी स्थिति स्पष्ट दिखाई देती है। ऐसी परिस्थिति से निबटने के लिए हमें बाहरी हथियारों का नहीं बल्कि *आत्मिक और ईश्वरीय हथियारों के उपयोग से सबसे पहले अपने अंदर छिपे उन महाशत्रुओं को नष्ट करना होगा जिनके प्रभाव से हम कुकर्म और व्यभिचार करते है।
इसीलिए दैनिक दिनचर्या में रहते हुए अपने अंदर छिपे उन तमाम अदृश्य शत्रुओं का एक-एक कर नाश करना होगा जिनकी वजह से आज संसार श्मशान में तब्दील हो रहा है। श्रीकृष्ण ने हमेशा पांडवों का साथ दिया। कौरव अर्थात परमात्मा से विपरीत बुद्धि और पांडव अर्थात परमात्मा में निष्ठा रखने वाले प्रीत बुद्धि।
इसीलिए हम विकारों पर जीत तब पा सकेंगे जब परमात्मा के साथ प्रीत बुद्धि होंगे। कार्यक्रम में लोक संगीत के साथ-साथ,नृत्य और सुन्दर-सुन्दर झांकियां भी निकाली गयी।

