सरकार का बड़ा फैसला, हिमाचल में दो हफ्ते कंस्ट्रक्शन बैन

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डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत 16 सितंबर तक रोक, सिर्फ आपदा प्रभावित भवनों और सडक़ों को दोबारा बनाने का ही होगा काम, शिमला; मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन और चंबा जिलों में कामर्शियल भवनों की अनुमति रोकी, प्रदेश में निर्माण कार्यों के लिए पहाडिय़ों के कटान पर प्रतिबंध

शिमला – नितिश पठानियां

मानसून के सीजन में प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों करोड़ की क्षति के बाद हिमाचल सरकार ने भवन निर्माण गतिविधियों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है।

शनिवार को राज्य सरकार ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा 24(1) का इस्तेमाल करते हुए अगले दो सप्ताह के लिए हिमाचल में सभी तरह की कंस्ट्रक्शन बंद कर दी है।

इस अवधि में सिर्फ आपदा प्रभावित भवनों और सडक़ों को दोबारा बनाने का ही काम होगा। साथ ही हिमाचल के छह जिलों में किसी कामर्शियल या टूरिज्म यूनिट को दी गई प्लानिंग परमिशन भी प्रतिबंधित रहेगी।

शनिवार को स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के अध्यक्ष और मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने ये आदेश जारी किए। इन आदेशों के अनुसार आपदा प्रभावित इमारतों और सडक़ों के पुनर्निर्माण कार्यों को छोडक़र किसी भी प्रकार के निजी विकास और निर्माण गतिविधि के लिए पहाडिय़ों के कटान पर पूरे राज्य में 16 सितंबर तक प्रतिबंध लगाया गया है।

इसके अतिरिक्त शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन और चंबा जिलों में वाणिज्यिक, पर्यटन इकाइयों के निर्माण के संबंध में 16 सितंबर तक नई योजना अनुमति एवं भवन अनुमति पर प्रतिबंध रहेगा।

यह निर्णय प्रदेश में भारी बरसात के कारण आई प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत मानवीय जीवन, आधारभूत संरचना, पारिस्थितिकी की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है।

यह आदेश जारी होने की तिथि से तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और इनकी अवहेलना पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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