ग्रामीणों ने एकत्रित होकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ की एसडीएम कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी, एसडीएम को लिखित ज्ञापन देकर कंपनी को न लगाने की उठाई गुहार, ग्रामीणों ने चेतावनी देकर कहा, अगर जल्द नहीं बंद करवाया गया कंपनी का निर्माण कार्य तो करेंगे उग्र आंदोलन
सोलन – रजनीश ठाकुर
उपमंडल नालागढ़ के तहत ग्राम पंचायत गागुवाल के अंतर्गत बेला मंदिर गांव में लगने वाली केमिकल फैक्ट्री के विरोध में ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन किया।
इसके साथ ग्रामीणों ने एसडीएम नालागढ़ को एक लिखित शिकायत पत्र देकर कंपनी के निर्माण कार्य को बंद करवाने और कंपनी को गांव में ना लगने की गुहार लगाई गई है।
शिकायत पत्र पर एसडीएम नालागढ़ ने सभी ग्रामीणों को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और कहा कि इस पूरे मामले की जांच की जाएगी और उसके बाद अगर कंपनी के प्रदूषण के कारण अगर दुष्प्रभाव होने की बात सामने आती है, तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और कंपनी को गांव में नहीं लगने दिया जाएगा।
इस बारे में मीडिया से बातचीत करते हुए ग्राम पंचायत गागुवाल पंचायत के बेला मंदिर के रहने वाले स्थानीय निवासी छज्जू राम कुलविंदर कुलदीप ने बताया कि कंपनी प्रबंधन को सरकार द्वारा सरकारी जमीन लीज पर दी गई है और उसके बाद कंपनी प्रबंधन द्वारा अपना चोरी चोरी निर्माण कार्य भी शुरू करवा दिया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस केमिकल कंपनी के कारण पूरे गांव में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है, क्योंकि जहरीले पानी के कारण चर्म रोग सांस की प्रॉब्लम कैंसर एवं अन्य घातक बीमारियां फैलती है। जिसके चलते वह कंपनी का विरोध कर रहे हैं और इस कंपनी को यहां पर न लगाने की एसडीएम नालागढ़ से गुहार लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस बारे उन्होंने एसडीएम नालागढ़ को लिखित में शिकाई दी है और इस कंपनी को यहां से किसी अन्य जगहों पर या तो शिफ्ट किया जाए या यहां पर इस कंपनी को नहीं लगाया जाए। उन्होंने कहा कि एसडीएम ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इस पूरे मामले की जांच की जाएगी और जांच में अगर सामने आया कि इस फैक्ट्री के कारण लोगों को नुकसान हो सकता है तो इस फैक्ट्री को यहां पर लगने नहीं दिया जाएगा।
साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी कर भी कहा है कि अगर फिर भी प्रशासन और सरकार ने इस कंपनी को जबरन गांव में लगाने की कोशिश की तो ग्रामीण एकत्रित होकर उग्र आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और सरकार की होगी।
ग्रामीणों का कहना है कि इस केमिकल फैक्ट्री के लगने के एक दर्जन से ज्यादा गांव प्रभावित होंगे। जिसमें सैकड़ो की आबादी में लोगों को गंभीर बीमारियों से झेलना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने कहा है कि उन्होंने यूट्यूब एवं शोशल मीडिया पर सर्च करने के बाद पता चला कि इस फैक्ट्री का दूसरा प्लांट यूपी में लगा हुआ है और वहां पर लोगों का जीना दुर्लभ हो चुका है क्योंकि वहां पर लोगों को इस फैक्ट्री के कारण गंभीर बीमारियों से जूझना पड़ रहा है। जिससे लोग नर्क की जिंदगी जीने को मजबूर है।

