शिमला – नितिश पठानियां
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि नव सृजित 412 ग्राम पंचायतों के लिए पंचायत सचिव के पद सृजित किए गए हैं। इन पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है।
नई पंचायतों के लिए पंचायत चौकीदार की श्रेणी के पद को सरकार ने सृजित नहीं किया है।
कांग्रेस विधायक इंद्र दत्त लखनपाल के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि नवगठित ग्राम पंचायतों के लिए तीन पंचायतों पर एक ग्राम रोजगार सेवक की दर से कुल 124 पद सृजित किए गए हैं। इन पदों को भरने की प्रक्रिया भी जारी है।
काजा और केलांग डिपो को मिलेंगी दस नई बसें
वहीं, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि जल्द ही काजा और केलांग डिपो को दस नई बसें दी जाएंगी।
कांग्रेस विधायक रवि ठाकुर के सवाल का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इससे अधिक बसें अभी सरकार नहीं दे सकती है। आने वाले समय में इस पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंचर लगाने के लिए भी जिला में जगह-जगह व्यवस्था करने को कहा जाएगा। प्रश्नकाल के दौरान विधायक ने पुरानी हो चुकी 46 बसों को बदलने की मांग उठाई।
हिमाचल की ही सूचना मांगी है, यह ब्रह्मांड तो नहीं : सुरेश कुमार
भोरंज से कांग्रेस विधायक सुरेश कुमार ने प्रश्नकाल के दौरान गत तीन वर्षों के दौरान जल शक्ति विभाग में ठेकेदारों के कारण अधूरे पड़े कार्यों का ब्योरा मांगा।
जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विधायक ने पूरे ब्रह्मांड की सूचना मांग ली है। इस जानकारी को एकत्र किया जा रहा है। विधायक को उनके क्षेत्र से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवा दी जाएगी। इस
पर विधायक ने कहा कि हिमाचल की ही सूचना मांगी है, यह ब्रह्मांड तो नहीं है।
विधायकों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाई कमेटी में परमार, अनिल शर्मा शामिल
सदन में बिलासपुर के विधायक त्रिलोक जम्वाल ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि सदस्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए सदन में एक कमेटी का गठन करने की बात हुई थी, पर न तो कमेटी बनी है और न ही उसकी कोई बैठक हुई है।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि इस कमेटी का निर्माण हो चुका है। इसके लिए भाजपा के दो सदस्य इस कमेटी में ले लिए गए हैं। ये विपिन सिंह परमार और अनिल शर्मा बनाए गए हैं।
वहीं सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस कमेटी की बैठक जल्द रखी जा रही है। इसकी गाइडलाइंस बनाई जा रही हैं। अभी सदन की बैठकें छह अप्रैल तक हैं।
विधानसभा सचिवालय के संस्थान को कैसे मजबूत करना है। यह भी देखा जाएगा। यह भी कि न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में तो नहीं जा रहे हैं।
इसमें प्रेस की स्वतंत्रता पर भी बात होगी। यह देखा जाएगा कि जल्दी से कमेटी बने। उसकी बैठक भी वक्त पर हो।

