
धर्मशाला – राजीव जसबाल
साहब! पिछले नौ साल से मैं मकान के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा हूं। मेरी तीन बेटियां हैं, जो मौजूदा समय में एक जर्जर मकान में रह रही हैं। यह मकान इतना जर्जर हो चुका है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
यह बात जिलाधीश कांगड़ा से मिलने पहुंचे फतेहपुर उपमंडल की हटली पंचायत के गांव खतरेहड़ निवासी बुजुर्ग रोशनलाल ने कही।
उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर कई बार आग्रह किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। रोशनलाल ने बताया कि उनका मकान पूर्वजों ने बनाया था।
आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते वह मकान की मरम्मत करवाने में भी असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूरी का कार्य करते हैं।
अब मकान में जगह-जगह दरारें पड़ चुकी हैं, इससे मकान गिरने की कगार पर है। बुजुर्ग ने बताया कि घर में तीन बेटियां हैं, ऐसे में उन्हें हर समय मकान के गिरने की चिंता सताती रहती है।
रोशनलाल और उनकी बेटी ने बताया कि वर्ष 2015 से वे मकान के लिए अनुदान की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधीश से मांग की है कि उनके मकान की जर्जर हालत को देखते हुए उन्हें राहत मुहैया करवाई जाए।
