
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट गठन में कांगड़ा जिले से एक ही मंत्री बनाने पर नाराजगी जताई जा रही है. कांगड़ा से चंद्र कुमार को ही कैबिनेट में जगह मिली है. वहीं, कैबिनेट रेस में चल रहे सुधीर शर्मा और रघुबीर सिंह बाली को फिलहाल मंत्रीमंडल में जगह नहीं दी गई है.
अहम बात यह है कि सुधीर शर्मा का कैबिनेट बर्थ पक्का था, लेकिन शपथ ग्रहण में उनका नाम सामने नहीं आया और अब माना जा रहा है कि वह कैबिनेट में जगह ना मिलने से नाराज हैं. क्योंकि उन्होंने रविवार को शपथ ग्रहण समारोह में भी शिरकत नहीं की.
शपथ ग्रहण के बाद हालांकि, सुधीर शर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट में संस्कृत में श्लोक लिखकर अपनी मनोदशा जरूर सांझा की. सुधीर शर्मा ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘‘शान्तः प्रयासात्पूर्वं विषमादनन्तरं च.’’ यानी शांत – प्रयास के पूर्व भी, तूफ़ान के उपरांत भी.
इसके अलावा एक और पंक्ति लिखी, “कालक्रमेण जगतः परिवर्तमाना , चक्रारिपंक्तिरिव गच्छति भाग्यपंक्तिः”, जिसका अर्थ है वक्त का पहिया स्थिर नहीं रहता है, वो तो घूमता ही है. यानी कहीं ना कहीं माना जा सकता है कि उन्हें आने वाली दिनों में मंत्रीमंडल में जगह मिलेगी. क्योंकि कैबिनेट में अब भी 3 पद खाली हैं.
ब्राह्मण कोटे से मंत्री
कैबिनेट में चंद्र कुमार को ओबीसी कोटे से मंत्री बनाया गया है. वहीं, कांगड़ा से सुधीर शर्मा को ब्राह्मण कोटे से मंत्रीमंडल में जगह मिलनी थी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. कांगड़ा से केवल एक ही मंत्री बना. बाकी दो सीपीएस बनाए गए.
कांग्रेस ने कांगड़ा जिले में 15 सीटों में से 10 पर जीत हासिल की है. हिमाचल में चुनावी इतिहास रहा है कि जो पार्टी कांगड़ा में सबसे ज्यादा सीट जीतती है, वहीं सत्ता पर काबिज होती है.
अहम बात यह कि सुधीर शर्मा वीरभद्र सरकार में भी मंत्री रहे थे. बता दें कि कैबिनेट में शिमला जिले से सबसे अधिक तीन मंत्री बनाए गए हैं. मंडी इस बार खाली हाथ रहा है.
