पौंग झील में पहुंचे 75 हजार प्रवासी पक्षी, बिना डर से घूम रहे ‘आजाद’

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ज्वाली – अनिल छांगु

पौंग झील के किनारे खाली जमीन पर अवैध खेती रूकने से अब प्रवासी पक्षी खुली हवा में सांस ले रहे हैं तथा खाली जमीन पर प्रवासी पक्षी आजादी से खाली जमीन पर अठखेलियां कर रहे हैं।

खेती न होने के कारण प्रवासी पक्षी भी आजाद हैं तथा इन प्रवासी पक्षियों को देखने हेतू आने वाले पर्यटक भी आराम से प्रवासी पक्षियों की अठखेलियों को कैमरों में कैद कर रहे हैं।

प्रवासी पक्षियों की कभी पानी के बीच, तो कभी बाहर जमीन पर अठखेलियां काफी रोचक लग रही हैं। पौंग झील किनारे खेती न होने के कारण इस बार पहली बार प्रवासी पक्षी खुद को आजाद व सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रवासी पक्षियों की चहचहाट व मस्ती से ही इनकी आजादी का पता चल रहा है।

इससे पहले पौंग झील किनारे की गई खेती को बचाने के लिए साधन संपन्न लोग खेतों में दवाई डालकर इनका शिकार कर लेते थे यानी खेती की आड़ में प्रवासी पक्षियों को मार देते थे तथा फसलों को बचाने के लिए लगाए गए काकभगोड़े देखकर प्रवासी पक्षी डर जाते थे।

बुद्धिजीवियों ने वन्य प्राणी विभाग की कार्रवाई से संतुष्टि जताई है। अभी तक झील में 75हजार प्रवासी पक्षी पहुंच चुके हैं। पक्षी प्रेमियों ने कहा है कि किसी भी सूरत में झील किनारे खेती न करने दी जाए।

विभागीय डीएफओ के बोल

इस बारे वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर के डीएफओ रेजीनोड रॉयस्टोन ने कहा कि पौंग झील किनारे किसी को भी खेती नहीं करने दी जाएगी। पौंग झील की खाली जमीन पर प्रवासी पक्षी आजादी से घूम रहे हैं तथा उन पक्षियों को खाने के लिए पर्याप्त भोजन मिल रहा है।

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