
कोटला – स्वयम
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने कोटला में कहा कि कांग्रेस पार्टी को 2024 का चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री चेहरा शक्ल एवं परिवारिक आधार से उपर उठकर जनता की आम राय से घोषित करना चाहिए न कि चंद प्रभावशाली लोगों के किसी मनपसंद चेहरे को जनता पर थोप देना चाहिए।
भाजपा जब दो सीटों पर सिमट गई थी, तब स्वर्गीय प्रधानमंत्री वाजपायी और आडवाणी के नेतृत्व में भाजपा को पुनः अस्तित्व में लाने के लिए बड़ी बड़ी जनसभाओं जाति कार्ड एवं रथ यात्राओं के आयोजन शुरू किए और इस में काफी हदतक सफलता भी मिली।
लेकिन हर बार अकेले बहुमत से काफी दूर रहने का क्रम जारी रहता देखकर, भाजपा खासकर भाजपा के प्रमुख अंग आर आर एस द्वारा प्रधानमंत्री का चेहरा बदलने पर मंथन शुरू किया।
केंद्र स्तर के समस्त बड़े नेताओं को पीछे धकेलते हुए क्षेत्रीय स्तर के नेता नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में जनता के बीच उतार दिया। यहीं से भाजपा समस्त राजनीति दलों को प्रथम प्रयास में ही पछाड़ कर अकेले दम पर बहुमत का आंकड़ा पार कर गई।
अतः इसी तर्ज पर कांग्रेस पार्टी को भी किसी एक विशेष चहेरे और परिवार का राग अलापने से उपर उठकर किसी ऐसे चेहरे को 2024 के लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री के रूप में उतराने पर विचार एवं मंथन करना चाहिए जो कांग्रेस पार्टी के चुनिंदा नेताओं की पसंद न होकर देश की जनता की पसंद बन सके ।
क्योंकि लोकसभा चुनावों में जनता प्रधानमंत्री के चेहरे को देखकर ही पार्टी विशेष को वोट डालती है कि है न कि चुनिंदा नेताओं की पसंद चहेते चेहरे को देखकर।
