
व्यूरो रिपोर्ट
सिद्धू मूसेवाला की हत्या के 1 महीने बाद भी इस मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. इस हत्याकांड में 19 साल का अंकित सिरसा नामक शूटर भी शामिल था. सिरसा महज 18 साल की उम्र में ही सिरसा पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल हो गया था.
मूसेवाला के कत्ल के बाद पंजाब पुलिस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम अंकित सिरसा की तलाश में जुटी हुई थी. पुलिस को जानकारी मिली थी कि सोनीपत के हरियाणा का रहने वाला अंकित सिरसा प्रियव्रत फौजी के साथ था और इसने दोनो हाथों से बेहद करीब से सिद्धू मूसेवाला पर ताबड़तोड़ गोली चलाई थी.
सोनीपत के सिरसा गांव का रहने वाला अंकित करीब एक साल पहले ही लॉरेन्स बिश्नोई गैंग के सम्पर्क में आया था. इसके बाद राजस्थान में सिरसा ने 2 वारदातों को अंजाम दे दिया था.
सबसे पहले अंकित सिरसा मोनू डागर के सम्पर्क में आया था. मोनू ने अंकित की मुलाकात अनमोल से कराई थी और अनमोल के जरिये अंकित बिश्नोई गैंग से जुड़ गया था. फिलहाल अंकित के खिलाफ हत्या के प्रयास के 2 मामले राजस्थान में दर्ज हैं.
दिल्ली पुलिस ने जब अंकित की तलाश शुरू की तो पता लगा कि वो बेहद खतरनाक तरीके से वरदात को अंजाम देता है. एक फोटो में उसने कारतूस से अपना नाम अंकित लिख लिख रखा है. इसके अलावा कई दूसरी फोटो में अंकित पिस्तौल और कारतूस के साथ नजर आ रहा है.
अंकित इतना शातिर है कि साथियों से संपर्क करने के लिए वाट्सएप कॉल का भी इस्तेमाल नहीं करता. जिस वक्त अंकित पकड़ा गया, वह अपने साथी के साथ मिलकर नोएडा जाने वाला था. इनके टारगेट पर दो और लोग थे, जिसके बाद उसने विदेश भागने की योजना बनाई थी.
मूसेवाला से पहले नहीं कि किसी की हत्या
सिद्धू मूसेवाला से पहले 19 साल के अंकित सिरसा ने किसी की जान नहीं ली थी. मतलब मूसेवाला की हत्या ही उसका पहला मर्डर था. जानकारी मिली है कि अंकित सिरसा ने चार महीने पहले ही लॉरेंस बिश्नोई का गैंग ज्वाइन किया था. वह 9वीं पास था और उसके बाद ही अपराध के अंधेरे में कूद गया था.
स्पेशल सेल ने किया था गिरफ्तार
अंकित सिरसा को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसके साथी के साथ 3 जुलाई को गिरफ्तार किया था. दोनों को दिल्ली में कश्मीरी गेट के पास से पकड़ा गया. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक, सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद दो और लोग इनके टारगेट पर थे. इन दोनों की हत्या के बाद इनका विदेश भागने का प्लान था.
पुलिस के मुताबिक, अंकित सिरसा ने नजदीक से सिद्धू मूसेवाला पर गोली चलाई थी. प्रियव्रत फौजी के साथ अंकित उसकी गाड़ी में ही मौजूद था. शुरू में अंकित और फौजी दोनों एक साथ भागे थे.
प्रियव्रत को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. जबकि अन्य आरोपी सचिन भिवानी सिद्धू मूसेवाला मामले के चार शूटरों को पनाह देने के लिए जिम्मेदार था. पुलिस ने बताया कि सचिन भिवानी राजस्थान में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का पूरा काम संभलता था.
पुलिस इन दोनों को तीन जुलाई की रात 11 बजकर 5 मिनट पर कश्मीरी गेट के पास महात्मा गांधी मार्ग से गिरफ्तार किया. ये दोनों लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार के गैंग में काम करते थे. पुलिस ने इनके पास से पंजाब पुलिस की तीन वर्दी के अलावा एक 9mm की पिस्टल, एक .3mm की की पिस्टल और डोंगल के साथ दो मोबाइल सेट बरामद किया है.
वहीं, पुलिस इस मर्डर केस में शामिल दर्जनों आरोपियों को अब तक हिरासत में ले चुकी है. वहीं, गोली मारने वाले शूटर्स की धड़पकड़ जारी है.
