
मंडी – डॉली चौहान
माननीय विशेष न्यायाधीश (पोक्सो), जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश, की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के दोषीयों को विभिन्न धाराओं में कारावास की सजा के साथ जुर्माने की सजा सुनाई। उप जिला न्यायवादी, मण्डी उदय सिंह ने बताया कि इस मामले की पीड़िता के माता पिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनकी बेटी एक स्कूली छात्रा है।
दिनांक 21/12/2019 को पीड़िता उसके विद्यालय गयी थी और घर लौट कर नहीं आई, उन्होंने संदेह जताया कि कोई अनजान व्यक्ति उनकी बेटी को भगा कर ले गया है। पीडिता के माता पिता की रिपोर्ट के आधार पुलिस द्वारा पीडिता को ढूँढना आरम्भ किया.
दिनांक 23/12/2022 को पीडिता मिली तो पीडिता ने पुलिस को बताया कि वह 21/12/2019 विद्यालय के बाद अपनी सहेली के साथ मिलने मन्दिर गयी थी तभी वहां पर तीन लडके मौजूद थे, जिनमें से दो के पीडिता नाम जानती थी और तीसरे का नाम नही पता था। उन्होंने पीडिता से उसका मोबाइल नंबर माँगा और फिर उसको बहला–फुसलाकर अपने कमरे में ले गये और 21/12/2019 और 22/12/2019 को उक्त तीनों लडको ने उसको अपने कमरे में रखा और बारी बारी से
साथ दुष्कर्म किया। दिनांक 22/12/2019 को उनमें से एक लड़का पीडिता को अपने दोस्त के कमरे में ले गया और वहां पर भी उस लड़के ने पीडिता से दुष्कर्म किया और दिनांक 23/11/2019 को वह उस कमरा से बाहर आ गयी। उक्त मामले को पीडिता के माता पिता की शिकायत के आधार पर अभियोग संख्या 61/2019 दर्ज हुआ था। मामले की छानबीन के दौरान इस मामले में तीन दोषी हरीश कुमार, प्रशान्तो नाथ और लोकेश कुमार पाए गये थे।
उक्त मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत में 27 गवाहों के ब्यान कलम बन्द करवाए थे। उक्त मामले में सरकार की तरफ से मामले की पैरवी लोक अभियोजक, चानन सिंह द्वारा की गयी।
अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने हरीश कुमार को भारतीय दण्ड सहिंता की धारा 363 के तहत 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ₹ 2,000/– जुर्माने की सजा, धारा 376DA के तहत आजीवन कारावास कारावास की सजा के साथ ₹ 25000/– जुर्माने की सजा, धारा 376 (3) के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ₹ 25000/ जुर्माने की सजा और पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ₹ 25000/ जुर्माने की सजा सुनाई। और प्रशान्तो नाथ को भारतीय दण्ड सहिता की धारा 363 के तहत 7 वर्ष के कठोर कारावास
की सजा के साथ ₹ 2,000/– जुर्माने की सजा, धारा 376DA के तहत आजीवन कारावास कारावास 25000/– जुर्माने की सजा, धारा 376 (3) के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ₹ 25000/– जुर्माने की सजा, पोक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ₹ 25000/– जुर्माने की सजा सुनाई और पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ₹ 25000/– जुर्माने की
सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषीयों को 6–6 महीने के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भी सुनाई। सुनाई गयी सभी सजाएँ एक साथ चलेंगी। उक्त मामले का तीसरा दोषी अल्पव्यस्क है इसलिए उसके खिलाफ मामला किशोर न्याय बोर्ड के पास विचाराधीन है।
