हिमखबर डेस्क
पिछले एक साल से सीनियर नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के लिए अच्छी तैयारी चल रही थी और आत्मविश्वास भी काफी बढ़ गया था, लेकिन प्रतियोगिता में करीब एक माह पूर्व बुखार ने ऐसा जकड़ा कि बिस्तर से उठने की भी हिम्मत नहीं हो पाती थी।
करीब 20 दिनों तक बिस्तर में रहने के बाद उठी तो चार किलो वजन भी कम हो चुका था और कमजोरी भी बहुत आ चुकी थी। इसके बावजूद नेशनल गेम्स में कई मुकाबले जीतने के बाद कांस्य पदक जीता।
बात हो रही है हाल मैं उत्तराखंड में हुई नेशनल प्रतियोगिताओं के कुश्ती के 64 किलोग्राम भार वर्ग के कांस्य पदक जीतने वाली बिलासपुर के सोलग जुरासी गांव की सोनिका की।
पदक जीतकर बिलासपुर पहुंची सोनिका ने पत्रकारों से विशेष बातचीत में बताया कि प्रतियोगिता के करीब तीन दिन पूर्व ही वह ठीक हुई थी। बीमारी से पहले उसका वजन 68 किलो था, लेकिन बाद में 64 किलो रह गया था।
कुछ समय के लिए मनोबल टूट सा गया था, लेकिन उनके कोच विवेक ने हौसला बढ़ाया और 64 किलोग्राम भार वर्ग में ही हिमाचल का प्रतिनिधित्व करने को कहा।
यही नहीं घरवालों की उम्मीदों और स्थितियों को याद करते हुए मजबूत हौंसलों के साथ उतरी। हालांकि इस बार स्वर्ण पदक से चूक गई है, लेकिन अगली बार और मजबूती के साथ उतरेगी।
सोनिका मार्च के पहले सप्ताह फेडरेशन कप आयोजित होने जा रहा है। जिस तरह से अभ्यास चल रहा है उससे पूरा विश्वास है कि स्वर्ण पदक जीतेगी।
चालक की बेटी है सोनिका
सोनिका छह भाई बहन हैं। सोनिका गरीब परिवार से संबंध रखती है। उसे पिता निजी बस के चालक हैं। निजी बस चालक के परिवार के संबंध रखने वाली सोनिका का आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है।
सोनिका वर्ष 2019 से बिलासपुर के चांदपुर स्थित ठाकुर अकादमी में प्रशिक्षण ले रही है। गरीब परिवार वाली सोनिका को सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से स्पॉन्सर किया जा रहा है। उसका सारा खर्च उसी के तहत किया जाता है।
मेडल जीतने के बाद सोनिका ने शनिवार को परिधि गृह बिलासपुर में सांसद अनुराग ठाकुर से मुलाकात की। अनुराग ठाकुर ने उन्हें बधाई दी।