हिमाचल: सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा, मृतकों के नाम पर आवंटित कर दिया पैसा, जानें पूरा मामला

--Advertisement--

शिमला – नितिश पठानियां 

हिमाचल प्रदेश में सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मृतकों और फर्जी लाभार्थियों को भी योजनाओं का पैसा आवंटित कर दिया गया। यह पैसा सहारा योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के तहत आवंटित हुआ है।

वित्तीय सुधार के लिए बनी टास्क फोर्स की समिति की बैठक में यह बात सामने आई है। टास्क फोर्स के अध्यक्ष आईएएस अभिषेक जैन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे वित्तीय अनियमितता बताया।

फर्जी लाभार्थियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें योजनाओं से हटाने के निर्देश

सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मृत एवं फर्जी लाभार्थियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें योजनाओं से हटाया जाए। इसे लेकर राज्य सचिवालय में बैठक भी हुई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं में लंबित धनराशि की समीक्षा और राज्य सरकार की योजनाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाना रहा है।

बैठक में सामने आया कि राज्य सरकार की सहारा योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजना में ऐसे लाभार्थी दर्ज हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। उनके नाम पर सरकारी धन का भुगतान जारी है, जिससे सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ पड़ रहा है।

आईटी और डाटा मैपिंग से होगी फर्जीवाड़े की पहचान

केंद्र सरकार के महापंजीयक कार्यालय (रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया) से प्राप्त जन्म-मृत्यु के आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर राज्य सरकार योजनाओं के लाभार्थियों के डाटा का मिलान करेगी। इसके लिए एपीआई आधारित तकनीक और आधुनिक आईटी टूल्स का उपयोग किया जाएगा।

डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और ईएसओएमएसी के बीच समन्वय से विस्तृत डाटा मैपिंग की जाएगी। डाटा मिलान के बाद सूची संबंधित विभागों को सत्यापन के लिए भेजी जाएगी।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की ई-केवाईसी में भी सामने आई थी अनियमिता

इससे पहले हिमाचल प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में बड़े स्तर पर अनियमितता सामने आई है। राज्य में वर्षों से पेंशन ले रहे 42,867 लाभार्थी ऐसे पाए गए हैं, जो या तो मृत हैं या फिर योजनाओं के लिए अपात्र थे।

इनमें 37,335 मृतक और 5,532 अपात्र लाभार्थी हैं। इसमें भी वित्त सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

क्या कहते हैं सीएम से प्रधान सलाहकार मीडिया

मुख्यमंत्री इन मामलों को लेकर गंभीर हैं। वह अधिकारियों से बैठक कर चुके हैं। सहारा और मुख्यमंत्री आवास योजना के अलावा अन्य योजनाओं में भी लाभार्थियों का डाटा आनलाइन किया जा रहा है, ताकि इनकी पहचान हो सके। डाटा आनलाइन होने से इस फर्जीवाड़े को रोका जा रहा है।

पूर्व से सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत भी कई मृतकों को पेंशन देने के मामले उजागर हुए हैं। अब मृतक प्रमाणपत्र को ऑनलाइन चढ़ाने के सख्त निर्देश जारी कर सरकार ऐसी तमाम योजनाओं में फर्जीवाड़े को रोका जा रहा है।

--Advertisement--
--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

हिमाचल प्रदेश में आज रात से फिर बिगड़ेगा मौसम, 27 को भारी बारिश-बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के बाद रविवार को...

हिमाचल में 397 कैदियों की कम होगी सजा, आज गणतंत्र दिवस पर अच्छे आचरण वाले बंधियों को सरकार देगी राहत

हिमखबर डेस्क  गणतंत्र दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार...

माँ बज्रेश्वरी नागरकोट धाम, कांगड़ा में प्रकटोत्सव के अवसर पर जनेऊ का आयोजन

माँ बज्रेश्वरी नागरकोट धाम, कांगड़ा में प्रकटोत्सव के अवसर...

रैत क्षेत्र में बड़ी सुविधा, Swastik Diagnostics, रैत में शुरू हुई Advanced 12-Channel ECG जाँच

रैत क्षेत्र में बड़ी सुविधा, Swastik Diagnostics, रैत में...