हिमाचल में प्रधान सस्पेंड, जेसीबी से नहीं स्कूटी से ही बनवा दी सड़कें, शौचालय का पैसा भी हजम

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महिला प्रधान माला मैहता भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित, स्कूटी को जेसीबी दिखाकर बनाए गए फर्जी बिल, सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में जांच जारी।

हिमखबर डेस्क

हिमाचल में धांधली का ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। यहां प्रधान ने कागजों में तो सारे काम कर दिए, लेकिन जमीन पर हर काम सिफर है। कागजों में लाखों के बिल बना दिए गए हैं। कागजात पूरे हैं बस नहीं है तो वो है काम जो कागजों में दर्ज है।

पंचायतीराज चुनाव की दहलीज पर बैठे हिमाचल प्रदेश में एक पंचायत प्रधान को निलंबित किया गया है। पंचायत प्रधान पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने के आरोप लगे थे, जिस पर प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब न पाए जाने पर पंचायत प्रधान को पंचायतीराज चुनाव से छह महीने पहले पद से निलंबित किया गया है।

सही पाए गए प्रधान पर लगे आरोप

ये मामला प्रदेश के जिला मंडी के तहत करसोग का है। यहां विकासखंड करसोग के तहत पड़ने वाली ठाकुर ठाणा पंचायत की प्रधान माला मेहता को सरकारी धन के दुरुपयोग करने पर पद से निलंबित किया गया है। इसको लेकर जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा की तरफ से कार्यालय आदेश जारी किए गए हैं। क

रसोग विकासखंड के तहत ठाकुरठाणा की प्रधान माला मेहता को निलंबित करने से पहले प्रारंभिक जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में अपना पक्ष रखने के लिए 20 जून को 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन ग्राम पंचायत प्रधान की तरफ से नोटिस का दिया गया उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया।

ऐसे में सरकारी धन के दुरुपयोग का दोषी पाए जाने पर जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 (संशोधित) की धारा 145(1) (ग) तथा पंचायती राज (सामान्य) नियम, 1997 के नियम 142 (1) (क) के अन्तर्गत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

बीडीओ करसोग सुरेंद्र कुमार के बोल 

बीडीओ करसोग सुरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रधान की तरफ से गांव में सड़क निर्माण में धांधली सामने आई है। सड़क निर्माण कार्य में स्कूटी के नंबर को जेसीबी का नंबर बताया गया था। इसका खुलासा आईटीआई में हुआ था। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की थी, जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद प्रधान को निलंबित कर दिया गया है।

10 से 15 साल पुरानी सड़कों के बना दिए बिल

आरटीआई दायर करने वाले ठाकुरठाणा पंचायत निवासी पन्ना लाल ठाकुर ने कहा कि इसमें एंबुलेंस, ट्रैक्टर रोड जैसी कई सड़कें 10 से 15 साल पहले ही बन चुकी हैं, जिनका निर्माण कागजों में दर्शाया गया है, इसके अलावा शमशान घाट, समुदायिक भवन, रास्तों को लेकर भी धांधलियां की गई हैं और फर्जी बिल पेश कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। इसको लेकर हाईकोर्ट में केस दायर करेंगे।

पन्ना लाल ठाकुर ने बताया कि आरटीआई में खुलासा हुआ कि 10 से 15 साल पहले बन चुकी पुरानी सड़कों को निर्माण कार्य में दर्शाया गया। हैरानी की बात है कि इन सड़कों के निर्माण में स्कूटी के नंबर (HP31C 6806) को जेसीबी का नंबर बताया गया। ये स्कूटी नंबर सुंदरनगर के किसी व्यक्ति की है। सड़क निर्माण कार्य में जेसीबी को करीब 700 घंटे के बिल का भुगतान स्कूटी के नंबर पर कर दिया गया।

शौचालय निर्माण में धांधली


स्कूल के खेल मैदान में धांधली

पन्ना लाल ठाकुर ने बताया कि पंचायत ने सुमाकोठी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के खेल मैदान में जेसीबी से काम के 1 हजार घंटे शो किए हैं, लेकिन यहां कोई काम ही नहीं हुआ ये मैदान 25 साल पुराना है। खेल मैदान की जमीन न स्कूल के नाम पर दर्ज है और न ही इसके निर्माण के लिए स्कूल प्रिंसीपल की एनओसी ली गई है। फिर जेसीबी मशीन से काम के 1 हजार घंटे कैसे दर्शाए गए।

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