बिलासपुर, 26 जनवरी – सुभाष चंदेल
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक छात्र पाठशाला घुमारवीं में हिमाचल प्रदेश की पहली स्पेस लैब का उद्घाटन किया गया। यह उद्घाटन शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया।
गौरतलब है कि स्पेस लैब से स्कूली छात्र भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान के प्रोजेक्ट्स का ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे।
वहीं स्पेस लैब से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष से जुड़ी तकनीक और विज्ञान का अध्ययन करने का मौका भी मिलेगा।
छात्रों में विज्ञान एवं तकनीक के प्रति रुचि बढ़ेगी और क्षेत्र में करियर बनाने के लिए जज्बा विकसित होगा।
वहीं, इसरो स्पेस लैब का उदघाटन करने के पश्चात तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि आज उन्हें हिमाचल प्रदेश की पहली स्पेस लैब का उद्घाटन करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि स्पेस लैब स्कूली छात्रों को विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगी। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों को भी इसरो की खोज की जानकारी मिल पाएगी।
बता दें कि व्योमिका स्पेस अकादमी लखनऊ ने इसरो के निर्देश पर इस लैब को तैयार किया है, जिसमें मुख्य रूप से विभिन्न अंतरिक्ष यान, ड्रोन विधि, टेलीस्कोप विधि सहित विज्ञान के क्षेत्र से जुड़ी खोजों की जानकारी छात्रों को दी जाएगी।
खास बात यह है कि अगले तीन वर्षों तक व्योमिका अकादमी के प्रतिनिधि इसरो लैब में अध्यापकों व छात्रों को प्रशिक्षण देगी। जिससे ग्रामीण इलाकों से जुड़े स्कूली छात्रों में तकनीक और विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी।
वहीं जिला प्रशासन ने इसे स्थापित करने से पूर्व उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर की एक पंचायत के मॉडल को स्टडी किया था।

