हिमाचल में चंडीगढ़, दिल्ली की तर्ज पर नियंत्रित होगा ट्रैफिक, ऑटोमेटिक होंगे चालान

--Advertisement--

शिमला – नितिश पठानियां

महानगरों की तर्ज पर अब हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी आईटीएमएस (इंटीग्रेडिट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) से ट्रैफिक कंट्रोल होगा। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले के ऑटोमेटिक चालान होंगे। इसको लेकर शहरों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे।

हिमाचल के सभी कंट्रोल रूम और ट्रांसपोर्ट निदेशालय को आपस में जोड़ा जाएगा। हिमाचल में सभी वाहनों की नंबर रीडिंग की जाएगी। अगर कोई वाहन इधर-उधर सड़क के किनारे खड़ा करता है तो मोबाइल पर वाहन मालिकों को चालान का मैसेज आएगा।

हिमाचल में लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए सरकार ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। इस योजना को धरातल में उतारने के लिए हिमाचल सरकार ने केंद्र से 20 करोड़ रुपये जारी करने का प्रस्ताव भेजा है। हाल ही में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना के साथ रोड सेफ्टी अधिकारियों की बैठक हुई है। इसमें इस योजना पर विस्तृत चर्चा हुई है।

परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, पुलिस के अधिकारी इस अवसर मौजूद रहे। पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली और अन्य महानगरों की तर्ज पर अब हिमाचल में भी 24 घंटे वाहनों की आवाजाही हो रही है। दिन के अलावा रात को भी सड़कों पर जाम लग रहा है। लोग घंटों जाम में फंस रहे हैं।

इसका एक मुख्य कारण सड़कों के किनारे गाड़ी पार्क करना भी बताया जा रहा है। कई बार लोग बीच सड़क में गाड़ी मोड़ लेते हैं । इस योजना में वाहनों की तय स्पीड के अनुसार ही वाहन चलाने होंगे। ओवर स्पीड पर चालान होंगे। अगर किसी ने सीट बैल्ट नहीं पहनी होगी। इस पर भी ऑटोमेटिक चालान हो जाएगा।

ऑटोमेटिक ही हिमाचल में ट्रैफिक को कंट्रोल किया जाएगा। रेड लाइन पर कंप्यूटर के माध्यम से वाहनों के आवाजाही के लिए नंबरिंग चलेगी। लाल लाइट जलेगी तो वाहनों को रुकना होगा। हरी लाइट जलने के बाद ही वाहनों की आवाजाही शुरू होगी।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

20 मार्च को द्रोणाचार्य कॉलेज में लगेगा “रक्त महादान” शिविर

20 मार्च को द्रोणाचार्य कॉलेज में लगेगा “रक्त महादान”...

नॉर्थ इंडिया पावरलिफ्टिंग 2026 में सोहबित राजपूत ने जीता रजत पदक

नॉर्थ इंडिया पावरलिफ्टिंग 2026 में सोहबित राजपूत ने जीता...