
हारचकियाँ – नवीन गुलेरिया
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने हिमाचल में आगामी चुनावों को लेकर राजनीति दलों के वायदों के घोषणा पत्रों पर तंज़ कसते हुए कहा कि आए दिन राजनीति दलों द्वारा जो चुनावों लेकर घोषणा पत्र जारी किए जा रहे हैं।
उनमें कोई भी राजनीति दल मंहगाई और भ्रष्टाचार को खत्म तो दूर की बात, कम करने की घोषणा करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहा है। जबकि आज देश प्रदेश मंहगाई और भ्रष्टाचार की चपेट में पूरी तरह जकड़ चुके हैं। वर्तमान सरकार की बात की जाए तो जो सत्ता में रहते हुए नहीं कर पाई है। उसका आगामी चुनावों के बाद लागू करने का वायदा किया जाना जनता का विश्वास नहीं जीत सकता है।
मौजूदा सरकार द्वारा करोड़ों रुपए के कर्ज के उपरांत भी चुनावी वर्ष में जिस रफ्तार से घोषणाएं और शिलान्यास किए जा रहे हैं, उन्हें धरातल पर उतारने के लिए करोड़ नहीं बल्कि अरबों रुपए खर्च का बोझ उठाना पड़ेगा जोकि सरकार के आय संसाधनों से भरपाई कर पाना मुश्किल है।
नए पद स्वीकृत किए जा रहे हैं जबकि हजारों स्वीकृत पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे ही देखा जाए तो कांग्रेस के वायदों में मंहगाई और भ्रष्टाचार को कम करने के लिए कोई जिक्र नहीं किया गया है।
उधर आप पार्टी के गरंटी घोषणा पत्र में भी भ्रष्टाचार और मंहगाई का कोई पुख्ता इंतजामी जिक्र नहीं है। तो फिर क्या जनता को यह समझ लेना चाहिए कि मंहगाई और भ्रष्टाचार बे लगाम होकर अपनी मनमानी करते रहेंगे।
