सरकार ने नियमों में किया संशोधन, 40 साल होगी लीज की अधिकतम अवधि
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल में सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने सरकारी जमीन लीज पर देने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। हिमाचल सरकार पहले 99 साल या इससे ज्यादा अवधि के लिए भी लीज दे देती थी। लेकिन अब नियमों में बदलाव कर दिया गया है और अब लीज की अधिकतम अवधि 40 साल ही होगी। इसके लिए लीज नियमों में संशोधन की अधिसूचना जारी हो गई है।
यह अधिसूचना प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा की ओर से जारी हुई है। गौरतलब है कि हिमाचल में विलेज कॉमन लैंड्स वेस्टिंग एंड यूटिलाइजेशन एक्ट 1974 और हिमाचल प्रदेश सीलिंग ऑन लैंड होल्डिंग्स एक्ट-1972 के माध्यम से सरकारी जमीन को लीज पर दिया जा सकता है।
इसके लिए राज्य सरकार ने लीज रूल्स अलग से बना रखे हैं। हिमाचल प्रदेश लीज रूल्स-2013 में पहले यह व्यवस्था थी कि सरकार की इच्छा के मुताबिक 100 साल तक की अवधि के लिए भी सरकारी जमीन सस्ती दरों पर लीज पर दी जा सकती थी।
हिमाचल में स्थापित हुई अधिकतम बिजली परियोजनाओं से लेकर औद्योगिक विकास के लिए दिए गए भू-भाग में भी इसी तरह लीज पर जमीन दी गई, लेकिन अब वर्ष 2013 के बाद 2023 में इन नियमों में संशोधन हुआ है।
30 दिन के भीतर मांगी आपत्तियां और सुझाव
प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा की ओर से जारी की गई अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार ने प्रदेश के लोगों से भी 30 दिन के भीतर इस संशोधन पर आपत्तियां एवं सुझाव मांगे हैं। यह सुझाव प्रधान सचिव राजस्व को सीधे भी भेजे जा सकते हैं।
30 दिन की अवधि पूरी होने के बाद इस संशोधन को फाइनल कर दिया जाएगा। राज्य सरकार सामान्य परिस्थितियों में पर्यटन, उद्योग, विद्युत उत्पादन, स्पोट्र्स इंफ्रास्ट्रक्चर या धार्मिक कार्य इत्यादि के लिए जमीन लीज पर देती है। इसके लिए लीज की दरें भी अलग से तय की गई हैं। हालांकि इस संशोधन में इन दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

