हिमाचल मानवाधिकार फोरलेन लोकबोडी ने अपनी समस्या को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

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नूरपूर, देवांश राजपूत:-

हिमाचल मानवाधिकार फोरलेन लोकबोडी ने अपनी समस्या को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया* है।गौरतलब है कि कंडवाल से लेकर सिहुनी तक बनने जा रहे फोरलेन निर्माण को लेकर मिलने वाले मुआवजे से सभी प्रभावित असहमत है और शासन प्रशासन को कई बार वो समय समय पर अपनी आपत्तियां और समस्या को बता चुके है लेकिन कोई हल निकलता ना देख इन प्रभावितों ने उच्च न्यायालय का रुख किया है।लोकबोडी के अध्यक्ष राजेश पठानिया ने बताया कि पठानकोट मंडी फोरलेन योजना के अंतर्गत कंडवाल से सिहुनी तक लगभग चार हजार परिवार इस फोरलेन निर्माण से प्रभावित है और जो इन प्रभावितों को मुआवजा मिल रहा है उससे किसी दूसरी जगह घर बनाना तो दूर जमीन तक खरीदना भी मुश्किल है।इसी से त्रस्त होकर उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया है।राजेश पठानिया ने कहा कि कंडवाल- सिहूनी राष्ट्रीय राजमार्ग को स्टेट हाईवे एनेक्सचर में दर्शाया जा रहा है जिसके तहत लाखों करोड़ों की जमीन को कौड़ियों के भाव लिया जा रहा है।राजेश पठानिया ने कहा कि शासन प्रशासन ने तो उन्हें गुमराह कर उन्हें मात्र ठगा है और आज वो इसी कारण उच्च न्यायालय की चौखट को खटखटाने के लिए बाध्य हुए है।उन्होंने न्यायालय से इस धांधली को लेकर एक विशेष जांच टीम का गठन कर मामले की जांच की मांग की है और फोरलेन प्रभावितों को उन्हें उनका हक दिलाने की मांग की।

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