शिमला – नितिश पठानियां
शिमला पुलिस ने सीआईडी विभाग से संवेदनशील जानकारी और दस्तावेज लीक करने के मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला एसपी क्राइम (सीआईडी) की शिकायत पर छोटा शिमला थाना में दर्ज किया गया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सीआईडी विभाग की गोपनीय जानकारी अवैध रूप से लीक कर सार्वजनिक की गई, जिससे विभाग और राज्य सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। सीआईडी द्वारा की गई प्रारंभिक आंतरिक जांच में यह संदेह जताया गया है कि कुछ विभागीय कर्मचारियों ने बाहरी व्यक्तियों के साथ मिलकर गोपनीय दस्तावेजों की प्रतियां तैयार कीं और उन्हें मीडिया व अन्य प्लेटफार्मों पर प्रसारित किया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह जानकारी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से फैलाई गई, जिससे सीआईडी की साख पर सवाल खड़े हो गए। सीआईडी का दावा है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी, जिसका मकसद विभाग और सरकार की छवि धूमिल करना था।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305 (ई) चोरी, 336 (4) जालसाजी, 353 (2) अफवाह फैलाने, 59 सार्वजनिक सेवकों द्वारा अपराध छिपाने, 60 जानकारी छिपाने और 61 आपराधिक साजिश के तहत दर्ज किया है।
हालांकि, पुलिस और सीआईडी अधिकारियों ने इस मामले से जुड़े विस्तृत ब्योरे को साझा करने से इनकार कर दिया है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह एफआईआर चर्चित “सामोसा जांच रिपोर्ट” लीक होने के मामले से संबंधित है या फिर विभाग से जुड़ी किसी अन्य संवेदनशील जानकारी के लीक होने को लेकर दर्ज की गई है।

