नूरपुर, देवांश राजपूत
एंकर-हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कल्याण मंच की बैठक हुई।बैठक में एचआरटीसी के पेंशनरो की पेंशन के स्थाई समाधान व अन्य लंबित वित्तिय लाभों के बारे गम्भीरता से चर्चा की गई। वीओ-प्रदेश अध्यक्ष बलराम पूरी ने चर्चा के दौरान बताया गया कि निगम के पेंशनरो को समय पर पेंशन नहैं मिल रही है।यह पेंशन महीने की 22-25 तारीख के पश्चात नसीब हो रही है।जिस कारण पेंशनरो को अपना जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है।इसके अतिरिक्त पेंशरो को वित्तीय लाभ जो पिछले पांच बर्षो से लंबित चले आ रहे हैं|
अभी तक सरकार व निगम प्रबंधन द्वारा भुगतान नही हुए।सभी भत्तों की लगभग 300 करोड़ रुपये से अधिक देनदारियां राज्य सरकार/निगम प्रबंध द्वारा पेंशनरो की लंबित रखी हुई है।जिस कारण पेंशनर जिन्होंने अपना 35-40 बर्ष का जीवन काल कठिन परिस्थितियों में जनता की सेवा में अर्पित किया है।वे अपने पैसे के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।
पेंशनरों को बर्ष 2015 से 2016 तक एक बर्ष का मंहगाई भत्ते का एरियर दिए जाने का निर्णय लिया गया था।लेकिन निगम प्रबंधन द्वारा आज तक इस वी.ओ.डी. के निर्णय को अमलीजामा नही पहनाया।जिस कारण पेंशनरों में भारी रोष है। उपरोक्त सभी को नज़र रखते हुए निर्णय लिया गया कि एचआरटीसी के पेंशनरों की पेंशन के स्थाई समाधान व अन्य लंबित वित्तिय लाभों के भुगतान बारे बर्ष 2018 जब से वर्तमान सरकार सतासीन हुई है तब से इन तीन बर्षों में निगम के पेंशनरों ने पेंशन का बजट में स्थाई समाधान व लंबित वित्तिय लाभों के भुगतान हेतु बार-बार मुख्यमंत्री,परिवहन मंत्री व वित्त सचिव से पत्राचार किए गए।
लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिलते रहे।अब पुनः बर्ष 2021-22 का वजट सत्र आने वाला है।एचआरटीसी के पेंशनर राज्य सरकार से आग्रह व सरकार को आगाह करते है कि बर्ष 2021-22 के वजट मर एचआरटीसी की पेंशनरों की पेंशन का स्थाई समाधान व लंबित वित्तिय लाभों के भुगतान का इस बजट में प्राबधान करें अन्यथा एचआरटीसी के पेंशनरों को सरकार के विरूद्ध कठोर कदम उठाने पर विवश न होना पड़े।जिसकी जिमेदारी सरकार व निगम प्रबंधन की होगी।