महिला समिति ने घटना की निंदा की और प्रशासन से कार्रवाई की मांग, संस्कृत शिक्षक पर पॉक्सो अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज, शिमला में सरकारी स्कूल की छात्रा से छेड़छाड़ का मामला।
शिमला – नितिश पठानियां
राजधानी शिमला के एक सरकारी स्कूल में छठी कक्षा की छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस घिनौने कृत्य का आरोप उसी स्कूल के एक शास्त्री (शिक्षक) पर लगा है। छात्रा के माता-पिता की शिकायत पर पुलिस ने बालूगंज थाने में आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और छेड़खानी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
यह मामला सोमवार को तब तूल पकड़ा, जब एक महिला समिति को इसकी भनक लगी और समिति ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स्कूल में हंगामा करते हुए आरोपी अध्यापक का घेराव किया। महिला समिति की सचिव सोनिया शबरवाल ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि आज स्कूलों में बच्चियों के साथ इस तरह की वारदातें सामने आना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा अब बिल्कुल खोखला हो गया है।
शबरवाल ने बताया कि स्कूल का शास्त्री पिछले कई दिनों से छठी कक्षा की छात्रा को गलत तरीके से छू रहा था, जिसके कारण बच्ची काफी दिनों से स्कूल नहीं जा रही थी। काफी पूछने पर बच्ची ने अपनी बहन को बताया कि शिक्षक उसके साथ बदतमीजी कर रहा है, जिसके डर से वह स्कूल जाने से कतरा रही थी।
महिला समिति ने इस मुद्दे पर प्रशासन से भी मिलने और ऐसे अपराधों को अंजाम देने वाले लोगों को नौकरी से बर्खास्त करने की अपील करने की बात कही है। उधर, शिमला पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुट गई है और आरोपी के ख़िलाफ़ कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
टीचर ने नकारे आरोप
इस मामले में जब महिला समिति स्कूल में पहुंची और आरोपी टीचर से सवाल जवाब किए तो टीचर ने कहा कि उसे होम वर्क में दो चैप्टर दिए थे और इसलिए वह स्कूल नहीं आ रही है। वहीं, महिलाओं ने कहा कि यदि ऐसा है तो फिर दूसरे टीचर्स पर क्यों आरोप नहीं लगे।
एसएसपी शिमला संजीव गांधी के बोल
उधर, एसएसपी शिमला संजीव गांधी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि मामला नाजुक है और पुलिस इसकी हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।