हिमखबर डेस्क
हमीरपुर जिला अब बेंगलुरु के प्रसिद्ध कार्नेशन और जरबरा फूलों की महक से गुलजार होगा। बागवानी को नई दिशा देने और किसानों की आर्थिकी मजबूत करने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश के बागवानी विभाग के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड रिसर्च सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता जिला उपनिदेशक राजेश्वर परमार ने की। इस प्रशिक्षण भ्रमण में अधिकारियों ने हमीरपुर के नादौन, बिझड़ी और हमीरपुर ब्लॉक में इन फूलों की पैदावार की संभावनाएं तलाशी। राजेश्वर परमार ने बताया कि कार्नेशन और जरबरा की खेती से न केवल बागवानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस दौरान 70 से अधिक किस्मों का अध्ययन किया गया, जिसमें कार्नेशन की विजेट, क्लेयोस, कैनो, पर्पल टैग और जरबेरा की टोरोरोसो, कासाब्लांका, पवित्रा, ममुटे और सोरेन को जिले के लिए उपयुक्त पाया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु के हसन गांव स्थित फ्लोरेंस फ्लोरा कंपनी के फूलों के फार्म का दौरा किया। यह कंपनी पिछले 20 वर्षों से हिमाचल के बागवानों को उच्च गुणवत्ता वाले फूलों के पौधे उपलब्ध करा रही है। कंपनी द्वारा तैयार कारनेशन की 50 और जरबरा की 20 प्रजातियों को देखकर अधिकारियों ने इनमें से 4-5 किस्मों को जिले के लिए चुना है।
राजेश्वर परमार ने बताया कि इन फूलों की खेती से न केवल किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे, बल्कि इस क्षेत्र में रोजगार के नए साधन भी विकसित होंगे। जिला बागवानी विभाग इस योजना को जल्द ही जमीन पर उतारने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है।
यह कदम बागवानी और पर्यटन को एकीकृत करके हमीरपुर की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नई तकनीकों और मार्गदर्शन के साथ यह पहल स्थानीय किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है।

