
मंडी-नरेश कुमार
माननीय न्यायालय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सुंदरनगर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश, अनुजा सूद की
अदालत ने दुराचार करने और तेज धार हथियार से हत्या करने का आरोप सिद्ध होने पर दो दोषीयों को आजीवन
कारावास की सजा के साथ जुर्माने की सजा सुनाई।
उप जिला न्यायवादी, मण्डी, विनय बर्मा ने बताया कि दिनांक 27/08/2016 को श्री घनश्याम सिंह, निवासी कडाहरोपा डाकघर- बागचनोगी, तहसील थुनाग जिला मण्डी ने पुलिस को बयान किया कि दिनांक 26/08/216 समय करीब शाम को 6 बजे उसकी भतीजी (मृतिका) भाटकी धार सामान लेने गयी थी और करीब 8:30 बजे शाम को पीडिता/मृतिका ने अपनी बहन को फ़ोन किया कि अंकल (शिकायतकर्ता) को भेजो उसे मार रहे हैं, जिस पर सभी गाँव के लोग इकट्ठे हुए और पीडिता को ढूढते हुए बुन्गाधार आये तथा वहां रात को करीब 2:30 बजे पहुंचे और वहां रास्ते में जेकेट और सामान का थैला मिलाl
उसके बाद वे पीडिता को ढूढते हुए 500 मीटर निचे गये तो देखा कि पीडिता लहुलुहान पड़ी थी और उसके हाथों
और गले में तेज धार हथियार से काटने के निशान थे, जिसकी उस वक्त मृत्यु हो चुकी थीl धनश्याम के व्यान के
आधार पर गोहर थाना में अभियोग सख्या 132/2016 दर्ज हुआ थाI
इस मामले की छानबीन निरीक्षक चाँद किशोर, तत्कालीन प्रभारी थाना गोहर ने अमल में लायी थी और तप्तीश के दौरान यह सामने आया कि पीडिता की हत्या आरोपी निर्मल सिंह पुत्र रोशन लाल, गाँव पाटन, डाकघर- बागचनोगी तहसील थुनाग और सुभाष चंद पुत्र वेश राम, निवासी कडाहरोपा डाकघर- बागचनोगी तहसील थुनाग जो कि रिश्ते में मृतिका के भाई (मामा और बुआ के लड़के) लगते थेl
छानबीन में पाया गया कि आरोपियों ने टोके और छुरी से उसकी हत्या की हैl रासायनिक परीक्षण से छानबीन के दौरान यह भी सामने आया कि हत्या से पहले मृतिका के साथ दुराचार भी हुआ थाl छानबीन पूरी होने पर थाना प्रभारी गोहर द्वारा मामले के चालान को अदालत में दायर किया थाI
उक्त मामले की पैरवी तत्कालीन उप जिला न्यायवादी भीष्म चंद और वर्तमान उप जिला न्यायवादी चानन सिंह की थी l और इस मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत में 37 गवाहों के ब्यान कलम बन्द करवाए थे। अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्मल सिंह पुत्र रोशन लाल, गाँव पाटन, डाकघर- बागचनोगी तहसील थुनाग को भारतीय दण्ड सहिंता की धारा 302 के तहत हत्या के आरोप में आजीवन कठोर कारावास और 50,000/- (पचास हजार रूपये) जुर्माने की सजा सुनाई, जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषी को दो साल के अतिरिक्त कारावास भुगतने की सजा भी सुनाईl और धारा 201 के तहत सक्ष्य को मिटाने के आरोप में दोषी को दो साल के कारावास और 20,000/- (बीस हजार रूपये) जुर्माने की सजा सुनाई, जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषी को छ: महीने के अतिरिक्त कारावास भुगतने की सजा भी सुनाई और धारा 376 के तहत दुराचार के आरोप में 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50,000/- (पचास हजार रूपये) जुर्माने की सजा सुनाई, जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषी को दो साल के अतिरिक्त कारावास भुगतने की सजा भी सुनाईl
दुसरे दोषी सुभाष चंद पुत्र वेश राम, निवासी कडाहरोपा डाकघर- बागचनोगी तहसील थुनाग को भारतीय दण्ड सहिंता की धारा 302 के तहत हत्या के आरोप में आजीवन कठोर कारावास और 50,000/- (पचास हजार रूपये) जुर्माने की सजा सुनाई, जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषी को दो साल के अतिरिक्त कारावास भुगतने की सजा भी सुनाईl और धारा 201 के तहत सक्ष्य को मिटाने के आरोप में दो साल के कारावास और 20,000/- (बीस हजार रूपये) जुर्माने की सजा सुनाई, जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषी को छ: महीने के अतिरिक्त कारावास भुगतने की सजा भी सुनाईl दोषीयो को दी गयी सजा विभिन धाराओं में साथ-साथ चलेगीl
