
चुराह-धर्म नेगी
सलूणी उपमंडल की ब्याना पंचायत में स्वास्थ्य सुविधा की कमी इनसानी जिदंगी पर भारी पड़ रही है। स्वास्थ्य सुविधा हासिल करने के लिए ग्रामीणों को 13 से 19 किलोमीटर दूर सुंडला या सलूणी का रुख करना पड़ रहा है। आपातकाल में स्थिति ओर भी बदत्तर हो जाती है जब समय पर चिकित्सीय सुविधा न मिलने पर मरीज बीच राह में दम तोड़ जाते हैं। इलाकावासियों की ब्याना पंचायत में डिस्पेंसरी खोलने की मांग पर भी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है।
ग्रामीण अजय भारद्वाज, सोनू, सपना कुमारी, दीपक भारद्वाज, मुमताज बेगम, नरेश कुमार, सन्नी कुमार, शीला, नारो देई व शेरासिंह आदि ने बताया कि इलाके में कोई स्वास्थ्य संस्थान न होने से सैली, सुंरगानी, कैला, सहारा, हथनी, ब्याणा, मदलाई, खमोठ, कंदला, सार, कमौता समेत कई गांव के करीब तीन हजार आबादी की सेहत राम भरोसे है।
उन्होंने बताया कि सुरगांनी में एनएचपीसी का अस्पताल होने के बावजूद लोगों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालात यह है कि गर्भवती महिला व बच्चों को टीकाकरण करवाने के लिए दस से 19 किलोमीटर सुंडला या सलूणी जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इलाके मे डिस्पेंसरी खोलने की मांग विभिन्न मंचों से उठाई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार घरद्वार पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे कर रही। मगर ब्याना पंचायत की स्थिति इन दावों को झुठला रही है। उन्होंने ब्याना पंचायत में जल्द स्वास्थ्य डिस्पेंसरी खोलकर लोगों को राहत प्रदान करने की गुहार लगाई है।
