ज्वाली – शिवू ठाकुर
एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी पंचायतों में युद्ध स्तर से शौचालय बनाने का कार्य कर रही है। वहीं दूसरी ओर विद्या के मंदिर में स्वच्छता की अनदेखी की जा रही है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नढोली की बात करें तो यहां शौचालय जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, यहां शौचालय की दीवारों में दरारें आ गई है नतीजतन छात्र-छात्राएं खुले में शौच जाने को विवश है। वहीं स्कूली छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

वहीं सरकारी स्कूलों के इन्ही शिक्षकों, बच्चों के माध्यम से नुक्कड़, नाटक, पोस्टर व रैली निकालकर लोगों को खुले में शौच नहीं जाने के लिए जागरुक किया गया। शौचालय निर्माण कर नियमित उपयोग करने की नसीयत देने वाले शिक्षक व नढोली ही आज खुले में शौच जाने को मजबूर है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
स्कूल प्रधानाचार्य के बोल
जब इस बारे में प्रधानाचार्य संजीत कुमार से बात हुई है उन्होंने कहा कि शौचालय की हालत काफी खराब थी दरारें आ गई थी तथा स्कूल में नए शौचालय बनाने के लिए पंचायत के पास बजट आया है
पंचायत प्रधान के बोल
जब इस बारे में पंचायत प्रधान वीना देवी से बात हुई तो उन्होंने कहा कि हमारे पास शौचालय के लिए बजट आया है लेकिन लेवर ना होने से काम नहीं लगा ।

