स्मार्ट सिटी धर्मशाला जहां चार दिनों में नहीं मिला दो बूंद पीने का पानी

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लोग बोले, न हेल्पलाइन नंबर चल रहे, न लैंडलाइन पर शिकायत सुनी जा रही, करोड़ों की स्कीम में पता नहीं क्या घपला हुआ कि पहले से भी घट गया पानी- रविंद्र सिंह भड़वाल

धर्मशाला- राजीव जसबाल

प्रदेश की पहली स्मार्ट सिटी धर्मशाला में पेयजल आपूर्ति इस कद्र चरमरा गई है कि दूरदराज के गांवों में भी लोगों को इस शहर से ज्यादा पानी मिल रहा है। जल शक्ति विभाग के खिलाफ रोष जताते हुए यह बात नगर निगम धर्मशाला के वार्ड-7 सचिवालय में डिपो बाजार के लोगों ने कही। शनिवार दोपहर बाद जब संवाददाता जमीनी हकीकत जानने के लिए डिपो बाजार पहुंचे तो लोगों ने खुलकर जल शक्ति विभाग के खिलाफ रोष जताया।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी बनाते वक्त लोगों को 24 घंटे पीने का पानी देने के सपने दिखाए गए थे। असल में आज उतना पानी भी नहीं मिल रहा, जितना स्मार्ट सिटी की करोड़ों रुपये की योजनाएं बनाने से पहले मिलता था। ऐसी समस्याओं की शिकायत के लिए जल शक्ति विभाग ने कोई व्यवस्था नहीं की है। न तो फ्री हेल्पलाइन के नंबर चलते हैं और न ही विभाग के लैंडलाइन फोन उठाए जाते हैं। ऐसे में पीने का पानी न मिलने पर शिकायत भी कहां करें। पेश है पेयजल किल्लत से परेशान लोगों से बातचीत के मुख्य अंश-

घर में बीमार बच्चा, पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा : रीना

रीना ठाकुर ने बताया कि मेरा एक बच्चा बीमार है और दूसरा स्कूल में पढ़ रहा है। चार दिनों से पानी नहीं आ रहा है। बच्चे को स्कूल के लिए तैयार करने से पहले करीब एक किलोमीटर दूर बावड़ी में जाना पड़ रहा है। जल शक्ति विभाग का ऐसा लापरवाह रवैया सही नहीं है।

विभाग घर पर पड़े पानी के खाली बर्तन देख ले: सुनीता

सुनीता ठाकुर ने बताया कि चार दिनों से पीने के पानी की दो बूंद नहीं मिली हैं। अगर जल शक्ति विभाग को विश्वास न हो, तो वह किसी भी समय घर आकर खाली पड़े पानी के बर्तनों को चेक कर ले। पीने का पानी न मिलने से तीन वक्त का खाना तक पकाना मुश्किल हो गया है।

कुछ घरों को पानी ठीक मिल रहा, बाकियों को क्यों कम : मीना

मीना शर्मा ने बताया कि हमारे साथ लगते मुहल्ले के लोगों को तो पानी ठीक मिल रहा है, लेकिन हमारे मोहल्ले को पिछले छह महीने से लगातार किल्लत झेलनी पड़ रही है। यहां पानी छोड़ने वाला कर्मचारी भी रोज सुबह आकर चाबी खोलकर चला जाता है, लेकिन उसने भी कभी टैंक में झांककर नहीं देखा कि उसमें पानी है भी या नहीं।

पता नहीं क्या घपला हुआ कि करोड़ों खर्च कर भी नहीं मिला पानी: देवेंद्र

देवेंद्र ने बताया कि कुछ समय पहले करोड़ों रुपये खर्च कर पेयजल स्कीम शुरू की गई थी। ऐसे में पता नहीं जल शक्ति विभाग ने ऐसा क्या घपला कर दिया है कि करोड़ों रुपये खर्च करने से पहले तो पानी ठीक मिल रहा था, लेकिन अब लोगों को पानी के लिए भी तरसना पड़ रहा है।

पीने को पानी भी नहीं मिल रहा: अंकित

अंकित शर्मा ने कहा कि स्मार्ट सिटी बनने पर धर्मशाला में 24 घंटे पानी देने के दावे किए गए थे। यहां लोगों को तीन दिन में डेढ़ घंटा पीने का पानी नही मिल रहा है। ऐसी स्मार्ट सिटी से तो गांव भले, जहां बावड़ियों-तालाबों से पीने का पानी तो हमेशा मिल जाता है।

पानी भले न मिले, विभाग बिल समय-समय पर वसूलता है: शिवा

शिवा थापा ने बताया कि लोगों को छह महीनों से सही समय पर पानी नहीं मिल रहा है। थोड़ा समय जो पानी मिलता है, उसका प्रेशर भी इतना कम है कि पानी टंकियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस पर भी मजेदार बात यह है कि इन छह महीनों में जल शक्ति विभाग समय-समय पर पानी का बिल वसूलता रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी- डिस्ट्रीब्यूशन के स्तर पर आ रही दिक्कत : एक्सईएन

जल शक्ति विभाग धर्मशाला के अधिशासी अभियंता ने बताया कि संबंधित क्षेत्र में जल वितरण के स्तर पर दिक्कत आ रही है। इस समस्या के समाधान के लिए विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शीघ्र ही लोगों की समस्या दूर कर दी जाएगी।

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