सैनिक हर आपदा की ढाल, केन्द्र सरकार खामोश और आंखों पर बांधी पट्टी- बालक राम शर्मा

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बिलासपुर – सुभाष चंदेल

अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण एंव विकास समिति व वाईस चेयरमैन युनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमैन संयुक्त मोर्चा जिला प्रभारी वैटरन कैप्टन बालक राम शर्मा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि देश के सैनिक देश प्रदेश में देश के कोने में कोई आपदा बाढ़, लैंड सलाईडिंग, कोई अप्रिय घटना या पड़ोसी दुश्मन देश का कोई ख़तरा होने पर ढाल बनकर खड़ा रहने वाला वैटरन सैनिक आज सड़क पर व दिल्ली जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर किया गया।

परन्तु बड़े आफ़सोस की बात यह है कि केन्द्र सरकार व रक्षा मंत्रालय बिल्कुल गंभीर नहीं है खामोश होकर बैठा है और ऐसा लगता है कि आंखों पर पट्टी बांध ली है। शहीद के लिए कहते हैं कि आपकी शहादत कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी। हर बार यही सुनने को मिलता है।

परन्तु इनको कोई समस्य या वैलफेयर की बात पर खामोश होकर बैठ जाते हैं ऐसा लगता है कि एक सैनिक बनकर कोई गुनाह किया हो बड़े आफ़सोस व दु:ख के साथ ऐसा लिखने को मजबूर हो रहे हैं सैनिकों के साथ ऐसा व्यवहार करना आने वाले समय के लिए एक अच्छे संकेत नहीं है।

वाईस चेयरमैन शर्मा ने बताया कि देश भर में कहीं भी कोई आपदा जैसे बाढ़, भूस्खलन या कोई भी संकट आ जाए चाहे पड़ोसी दुश्मन देश अंतकवाद, उग्रवाद, या एल सी, एल ओ सी पर घुसपैठ हो कोई गतिविधी हो या कोई कार्रवाई है। सैनिक शरहद पर रक्षक ढाल बनकर खड़ा हो जाता है।

भले ही उसे अपना सर्वस्व न्योछावर करने पड़े कभी अपने कदम पीछे नहीं खिंचता परन्तु हमें बहुत दु:ख के साथ कहना पड़ रहा है कि वैलफेयर सम्बन्धित विषय आता है। तो केन्द्र सरकार, रक्षा मंत्रालय व बड़े नेतागण सभी खामोश हो जाते हैं।

दिल्ल जंतर-मंतर की आवाज पर माननीय प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय नहीं सुनाई दे रही। सभी खामोश बैठे है और बड़ा अफसोस हो रहा कि दिल्ली जंतर-मंतर पर रैसलर बैठी हैं। उनकी न्युज दिखाई जा रही, परन्तु वहीं सैनिक के धरना-प्रदर्शन चला है। तकरीबन 85 दिन हो गए हैं और नेशनल मिडिया भी खामोश है।

यह क्या राज है? समझ नहीं आ रहा? ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रही है। या 3% अफ़िसर शाही भारी पड़ रही है। यह निचले स्तर को हमेशा कमज़ोर समझकर दबाने की कोशिश होती है। वह आज भी बरकरार है। ऐसा लगता है परेशान और हरासमैंट करने की कोशिश की जा रही है।

वैटरन सैनिक अपना हक़ ही तो मांग रहे हैं। कोई जागीर नहीं मांगी है। हम माननीय प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार से बिनम्र निवदेन है की वैटरन सैनिकों को इतना अनदेखा न करें कि आने वाला कल को भारी पड़ जाए मजबूर न करें जल्द से जल्द समस्य का समाधान करें।

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