शिमला-मनाली में सीजन की पहली बर्फबारी से खिले पर्यटक; पहाड़ों में सेब, तो निचले इलाकों में गेहूं को संजीवनी
शिमला – नितिश पठानियां
तीन महीने से बारिश-बर्फबारी के लिए तरस रहे हिमाचल प्रदेश पर शुक्रवार को इंद्रदेव मेहरबान हुए और समूचे प्रदेश में आसमान से राहत बरसी। राजधानी शिमला सहित मनाली में सीजन की पहली बर्फबारी ने जहां पर्यटकों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया, वहीं निचले इलाकों में बारिश गेहूं की फसल के लिए संजीवनी बनकर आई। प्रदेश की ऊंची पहाडिय़ों ने ताजा बर्फबारी से चांदी की चादर ओढ़ ली है। लाहुल-स्पिति सहित किन्नौर, कुल्लू, खड़ापत्थर, चूड़धार, डल्हौजी सहित सभी ऊंची पहाडिय़ां बर्फबारी के लकदक दिखाई दे रही है।
वहीं, प्रदेश में 550 से ज्यादा सडक़ें और 950 से ज्यादा बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए हैं। नारकंडा में बर्फीला तूफान चला है। चंबा के भरमौर में तो बर्फीले तूफान से 10 से ज्यादा घरों की छत भी उड़ गई। अपर शिमला, चंबा के पांगी व भरमौर, किन्नौर और लाहुल-स्पीति जिला का हिमाचल के अन्य भागों से संपर्क कट गया है।
इससे शुक्रवार को 600 से ज्यादा रूटों पर एचआरटीसी और प्राइवेट बसों की सेवाएं भी बाधित रहीं। बर्फबारी से चारों और नजर आ रही प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों सहित स्थानीय लोगों को अपनी और आकर्षित कर रही है। करीब तीन माह से बारिश बर्फबारी का इंतजार कर रहे किसानों-बागबानों ने इस भारी बर्फबारी से राहत की सांस ली है।
बागबानों के लिए जहां यह बर्फबारी सेब सहित स्टोन फ्रूट के पौधों के लिए संजीवनी बनी है, वहीं किसानों की फसल के लिए भी बर्फबारी और बारिश बड़ी राहत लेकर आई है। प्रदेश में गुरुवार रात करीब 11 बजे से एकाएक मौसम खराब हुआ और बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हुआ, जो शुक्रवार को भी जारी रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाक्टर संदीप ने बताया कि 24 और 25 जनवरी को भी राज्य के कई क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश की संभावना है। वहीं कुछ जगह तेज बर्फबारी और कुछ जगह बर्फीला तूफान आने की भी आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 26 जनवरी को राज्य में एक और पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है, जिससे प्रदेश की ऊंची और मध्यम ऊंचाई की पहाडिय़ों पर बर्फबारी और बारिश होने की पूरी संभावनाएं बन रही है।
वहीं 28 जनवरी को राज्य की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है। बर्फबारी के दौरान शिमला सहित राज्य के कई ऊंचे क्षेत्रों में तेज बर्फीले तूफान ने लोगों को हैरान कर दिया। शिमला शहर में शुक्रवार सुबह 11 बजे के करीब कई जगहों पर तेज बर्फीली हवाएं चलीं और लोगों का सडक़ों पर चलना भी दुश्वार हो गया। कई पर्यटक एक-दूसरे के सहारे अपने गंतव्य की ओ बढ़त नजर आए।
बर्फबारी के चलते समूचा हिमाचल प्रदेश ठंड की चपेट में आ गया है। बर्फबारी से जहां प्रदेश के न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शिमला में न्यूनतम तापमान 0.0, सुंदरनगर में 8.0, भुंतर में 5.2, कल्पा में-0.2, धर्मशाला में 6.2, ऊना में 5.5, नाहन में 4.3, पालमपुर में 4.0, सोलन में 2.4, मनाली में 1.5, कांगड़ा में 7.7, मंडी में 8.3, बिलासपुर में 4.0, हमीरपुर में 8.4, जुब्बड़हट्टी में 4.0, कुफरी में 2.3, कुकुमसेरी में -2.8, नारकंडा में -3.5, रिकांगपिओ में 3.8, बरठीं में 8.4, चौपाल में 0.5, पांवटा साहिब में 8.0, सराहन में 6.3, देहरागोपीपुर में 6.0, ताबो में -4.2 व मशोबरा में -0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

